बीकानेर |
शैक्षिक सत्र 2026-27 से सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और प्रभावी प्रबोधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल गवर्नेंस के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
यह कदम राज्य में शैक्षिक मानकों को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
मुख्य दिशा-निर्देश क्या हैं?
जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों में कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष जोर दिया गया है। इनका उद्देश्य स्कूलों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है।
- शाला सम्बलन निरीक्षण: स्कूलों का नियमित और प्रभावी निरीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
- स्कूल इम्प्रूवमेंट प्लान: प्रत्येक स्कूल को अपनी सुधार योजना तैयार करनी होगी।
- जिला रैंकिंग: प्रदर्शन के आधार पर जिलों की रैंकिंग की जाएगी और उसकी समीक्षा होगी।
- नियमित मॉनिटरिंग: विद्यालयों की गतिविधियों की लगातार निगरानी की जाएगी।
शालादर्पण मॉड्यूल में संशोधन
जिला रैंकिंग की समीक्षा के साथ-साथ शालादर्पण मॉड्यूल में भी आवश्यक संशोधन और संबंधित कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
निदेशक माध्यमिक शिक्षा, ललित कुमार ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को इन दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
इसके अतिरिक्त, पीईईओ/यूसीईईओ, प्रधानाचार्यों और शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों को भी निर्धारित व्यवस्थाओं के अनुसार ही कार्य करने के लिए कहा गया है।
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