राजस्थान

पीबीएम अस्पताल में दवाओं की भारी किल्लत: बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में 300 दवाओं की कमी: 5 करोड़ का टेंडर जारी, बदहाली पर कांग्रेस ने किया जोरदार प्रदर्शन

thinQ360 · 31 मार्च 2026, 05:01 शाम
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में दवाओं और सर्जिकल सामान की भारी कमी के चलते मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। प्रशासन ने 5 करोड़ का टेंडर जारी किया है, वहीं कांग्रेस ने बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर प्रदर्शन किया है।

बीकानेर | बीकानेर संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में इन दिनों स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर नजर आ रही हैं। अस्पताल में दवाओं और सर्जिकल सामान की आपूर्ति सुचारू नहीं होने से मरीज बेहाल हैं।

दवाओं और सर्जिकल सामान की भारी किल्लत

अस्पताल में कैनुला, घाव पर लगाने वाली पेपर चाटी और प्लास्टर के लिए जरूरी पीओपी सहित करीब 300 तरह के सर्जिकल आइटम और दवाएं शॉर्ट चल रही हैं। राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आरएमएससीएल) की ओर से सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इसके कारण गरीब मरीजों को बाहर से महंगे दामों पर दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। राहत की बात यह है कि 500 से अधिक सर्जिकल आइटम खरीदने के लिए प्रशासन ने सोमवार को पांच करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया है। इससे आने वाले दिनों में स्थिति सुधरने की उम्मीद है।

5 करोड़ का टेंडर और नई व्यवस्था

पीबीएम अस्पताल प्रशासन ने सर्जिकल आइटम्स की खरीद के लिए आठ-नौ फर्मों के साथ रेट कॉन्ट्रैक्ट किया है। दो साल की अवधि के लिए जारी इस टेंडर के वर्क ऑर्डर सोमवार को दे दिए गए। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इन फर्मों को सर्जिकल आइटम्स के ऑर्डर भेजने का काम अगले सप्ताह से शुरू कर दिया जाएगा। इससे जरूरी सामान की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। आरएमएससीएल के रुके हुए टेंडर भी मार्च में जारी होने की संभावना है। हालांकि, इनकी सप्लाई आने में करीब तीन महीने का समय लग सकता है। तब तक रेट कॉन्ट्रैक्ट से ही काम चलाया जाएगा।

कांग्रेस का हल्ला बोल और तीखे आरोप

अस्पताल में दवाओं की कमी और फैली अव्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को अधीक्षक कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। कांग्रेसी नेताओं ने अधीक्षक डॉ. बीसी घीया को ज्ञापन सौंपा। पूर्व शहर अध्यक्ष यशपाल गहलोत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की निशुल्क दवा एवं जांच योजना को सही ढंग से लागू नहीं किया जा रहा है। मरीजों को निजी लैब भेजा जा रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हार्ट अस्पताल में ट्रॉपी जैसी जरूरी जांचें भी नहीं हो रही हैं। नर्सिंग स्टाफ की कमी और कर्मचारियों के खराब व्यवहार ने मरीजों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं।

विधायक और सरकार पर साधा निशाना

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय विधायक सिद्धि कुमारी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विधायक जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही हैं और पीबीएम की स्थिति बदहाल है। प्रतिनिधि मंडल में जिया उर रहमान आरिफ, जावेद पडियार, टिंकू भाटी और साजिद सुलेमानी सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन उग्र होगा।

सीरिंज की कमी और वैकल्पिक इंतजाम

अस्पताल में सीरिंज की भी भारी किल्लत देखी गई। इसे देखते हुए सीएमएचओ कार्यालय से करीब आठ लाख सीरिंज मंगवाई गई थीं। इनमें से 10 एमएल की सीरिंज पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। प्रशासन ने डेढ़ लाख अतिरिक्त सीरिंज की डिमांड भेजी है। वर्तमान में अस्पताल डोनेशन और सीएमएचओ की मदद से काम चला रहा है। आरएमएससीएल से सप्लाई का अभी भी इंतजार है।

प्रशासन का दावा: अप्रैल तक सुधरेंगे हालात

पीबीएम अधीक्षक डॉ. बीसी घीया ने आश्वासन दिया है कि अप्रैल के अंत तक दवाओं की आपूर्ति सुचारू हो जाएगी। सर्जिकल आइटम्स के वर्क ऑर्डर जारी होने से जल्द ही स्टॉक पहुंचना शुरू होगा। वहीं, कांग्रेस नेता यशपाल गहलोत ने चिकित्सा मंत्री पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री होने के बावजूद वे बीकानेर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर नहीं हैं।

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