बीकानेर | बीकानेर में जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में संगठित अपराध और मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को "ऑपरेशन नीलकण्ठ" नाम दिया गया है, जिसके तहत पुलिस ने नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई की है।
ऑपरेशन नीलकण्ठ: तस्करों पर पुलिस का शिकंजा
सदर थाना पुलिस ने "ऑपरेशन नीलकण्ठ" के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने नशे की तस्करी से अर्जित की गई अवैध संपत्तियों को फ्रीज करवाया है, जिससे तस्करों के नेटवर्क को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा सके।
यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत सक्षम प्राधिकारी के आदेश पर की गई है। पुलिस ने इस कार्रवाई में दो अभ्यस्त तस्कर परिवारों को निशाना बनाया है।
फ्रीज की गई 1.79 करोड़ की अवैध संपत्ति
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों परिवारों की कुल 1 करोड़ 79 लाख 05 हजार 609 रुपये की संपत्ति को फ्रीज किया गया है। इस संपत्ति में मकान, कृषि भूमि और बैंक खातों में जमा राशि शामिल है।
आवासीय मकान और बैंक खाते भी शामिल
फ्रीज की गई संपत्तियों का ब्योरा इस प्रकार है:
- सत्तार अली उर्फ भुट्टा का भुट्टों का बास स्थित रिहायशी मकान, कीमत 30 लाख रुपये।
- फत्तीपुरा गली में स्थित दूसरा मकान, कीमत 1 करोड़ 10 लाख रुपये।
- परी पुत्री शहजाद के SBI कृषि उपज मंडी शाखा के खाते में जमा 8,49,305 रुपये।
- शहजाद पुत्र ईनायत अली के बैंक खाते में जमा 8,40,274 रुपये।
- शहजाद से बरामद की गई नकदी 4,16,030 रुपये।
कृषि भूमि भी की गई फ्रीज
इसके अलावा, पुलिस ने तस्कर परिवार से जुड़ी कृषि भूमि को भी फ्रीज किया है।
- फिरोज उर्फ जग्गु पुत्र शहजाद की चक 16 JMD में स्थित 3.58 बीघा कृषि भूमि, कीमत 20 लाख रुपये।
- चक 18 JMD में स्थित 4.32 बीघा कृषि भूमि, कीमत 28 लाख रुपये।
आरोपी परिवारों का लंबा आपराधिक इतिहास
सदर थाना पुलिस ने बताया कि इन परिवारों का एक लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। सत्तार अली परिवार पर कुल 37 संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
इनमें सत्तार अली के खिलाफ 9, उसके बेटे सिकन्दर अली के खिलाफ 13, साजिद खान के खिलाफ 9, अनिश के खिलाफ 3 और साहिल के खिलाफ 3 मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, सिकन्दर, साजिद और साहिल हिस्ट्रीशीटर हैं, जबकि सत्तार अली की भी हिस्ट्रीशीट खोली जा चुकी है।
नशे के कारोबार की आर्थिक कमर तोड़ना लक्ष्य: एसपी
एसपी मृदुल कच्छावा ने इस कार्रवाई पर कहा कि "ऑपरेशन नीलकण्ठ" के तहत जिले के अन्य मादक पदार्थ तस्करों की भी पहचान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इन अपराधियों की अवैध आय और संपत्तियों की जांच जारी है। जल्द ही तस्करी से अर्जित की गई अन्य संपत्तियों को भी फ्रीज करवाया जाएगा। एसपी ने जोर देकर कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य नशे के कारोबार की आर्थिक कमर तोड़ना है और इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी।
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