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पाकिस्तानी गैंग का मोहरा!: बीकानेर: युवक ने पाकिस्तानी गैंग को दिया OTP, ATS ने दबोचा

desk · 29 जुलाई 2026, 06:09 शाम
बीकानेर के 18 वर्षीय युवक ने पाकिस्तानी आतंकी गैंग को ओटीपी देकर मदद की। एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड (ATS) ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। जानें पूरा मामला।

बीकानेर |

बीकानेर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक स्थानीय युवक के मोबाइल नंबर से पाकिस्तान में वॉट्सऐप चलाया जा रहा था। इस मामले में एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड (ATS) ने एक 18 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है।

आरोप है कि युवक ने सिम एक्टिवेशन के लिए जरूरी ओटीपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी गैंग तक पहुंचाया था।

पाकिस्तानी गैंग से जुड़े तार

मामला बीकानेर के बज्जू थाना क्षेत्र के गौड़ू गांव का है। यहां रहने वाले अनिल कुमार (18) पर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी गैंग के संपर्क में होने का आरोप है।

जांच में पता चला है कि अनिल लंबे समय से आतंकी के गुर्गे उज्जेर से भी संपर्क में था। उसी ने ओटीपी को सीमा पार भेजा था।

ATS की त्वरित कार्रवाई

जैसे ही 17 जुलाई को भारतीय नंबर पाकिस्तान में एक्टिव हुआ, जयपुर की एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड (ATS) अलर्ट हो गई।

एटीएस की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 18 जुलाई को आरोपी युवक को उसके घर से पकड़ लिया।

एक दिन की गहन पूछताछ के बाद, 19 जुलाई को उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया, जिसके बाद उसकी औपचारिक गिरफ्तारी हुई।

गंभीर आरोपों की जांच जारी

पुलिस के अनुसार, अनिल कुमार के पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके साथियों से संबंधों की गहराई से जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि आरोपी के नाम से जारी भारतीय सिम कार्ड और वॉट्सऐप अकाउंट को दूसरे लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने के आरोपों की भी पड़ताल हो रही है।

इसके अलावा, सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने के मामले में भी युवक जांच के दायरे में है।

सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी निगरानी

इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां बीकानेर के सीमावर्ती इलाकों बज्जू, खाजूवाला और पूगल में लगातार नजर रख रही हैं।

एजेंसियों का मानना है कि भारतीय नंबरों का गलत इस्तेमाल देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता है।

इनका उपयोग जासूसी, फर्जी पहचान बनाना, हनी ट्रैप, साइबर हमले और सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल करने जैसे खतरनाक मंसूबों के लिए किया जा सकता है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

बीकानेर के सीमावर्ती क्षेत्रों से पहले भी हनी ट्रैप, जासूसी और आईएसआई से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं।

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