जयपुर | जलदाय मंत्री श्री कन्हैया लाल के कुशल नेतृत्व में जलदाय विभाग की टीम ने बीसलपुर-जयपुर पेयजल परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित रखरखाव कार्य को निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि 28 मार्च की रात 8:00 बजे से 29 मार्च की रात 8:00 बजे तक शटडाउन प्रस्तावित था। लेकिन विभाग ने इसे समय से पहले ही निपटा लिया।
समय से पूर्व पंप संचालन शुरू
कुशल योजना के कारण 29 मार्च को दोपहर 2:30 बजे ही बीसलपुर इनटेक पंप हाउस से संचालन शुरू कर दिया गया। इसके बाद सूरजपुरा फिल्टर प्लांट में जल शोधन की प्रक्रिया तुरंत आरंभ की गई। शाम 4:50 बजे तक जयपुर शहर के लिए पेयजल पंपिंग शुरू हो गई थी। रात्रि 9 बजे तक पानी जयपुर के बालाबाला पंप हाउस पहुंच गया, जिससे शहर की वितरण प्रणाली सक्रिय हो गई।
पाइपलाइन और तकनीकी मरम्मत
शटडाउन के दौरान ट्रांसमिशन पाइपलाइन के 26 किमी और 5 किमी चौनेज पर लीकेज दुरुस्त किए गए। वीटी पंप संख्या 2 के एनआरवी गैस्केट और पंप संख्या 7 के स्लुइस वाल्व की मरम्मत की गई। सूरजपुरा फिल्टर प्लांट के सभी रिसीविंग चैंबरों और चैनलों की गहन सफाई की गई। रेनवाल पंपिंग स्टेशन पर 33 केवी विद्युत प्रणाली और अन्य आवश्यक तकनीकी रखरखाव कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किए गए।
जयपुर शहर में व्यापक कार्य
शहर के भीतर सीबीआई फाटक और जगतपुरा में 700 मिमी एमएस लाइन का इंटरकनेक्शन किया गया। अशोक मार्ग पर रिसाव मरम्मत और किशनबाग नाला पर 150 मिमी एयर वाल्व का प्रतिस्थापन हुआ। सेंट्रल पार्क पंपिंग स्टेशन की इनलेट और सक्शन लाइन की मरम्मत की गई। साथ ही, बीजेडब्ल्यूएसपी ट्रांसफर पार्ट के सभी 6 पंपिंग स्टेशनों पर 33 केवी और 3.3 केवी बस कपलर का रखरखाव किया गया।
जलाशयों की सफाई और ग्रीष्म तैयारी
बालाबाला, जवाहर सर्कल, रामनिवास बाग, अमानिशा और मानसरोवर जैसे प्रमुख पंपिंग स्टेशनों पर सीडब्ल्यूआर की सफाई की गई। जवाहर सर्कल पर कॉमन हेडर बाईपास का प्रतिस्थापन भी किया गया। शास्त्री नगर में सीडब्ल्यूआर और ओएचएसआर की सफाई के साथ घाट गेट पर 700 मिमी वाल्व स्थापित किया गया। माउंट रोड और गेटोर तिराहा पर पाइपलाइन और वाल्व मरम्मत के कार्य पूरे हुए।
भविष्य की जलापूर्ति सुनिश्चित
यह व्यापक अभियान आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखकर चलाया गया था। ग्रीष्म ऋतु से पहले इन कार्यों के पूर्ण होने से अब जयपुरवासियों को नियमित जलापूर्ति मिल सकेगी।
- समयबद्ध प्रबंधन से जनता को कम असुविधा हुई।
- तकनीकी सुधारों से पानी की बर्बादी रुकेगी।
- गर्मी में बेहतर प्रेशर के साथ पानी मिलेगा।
- विद्युत और मैकेनिकल प्रणालियों को सुधारा गया।
जलदाय विभाग की इस त्वरित कार्रवाई और पूर्व-नियोजित रणनीति की चारों ओर सराहना हो रही है। अब शहर की पेयजल प्रणाली आगामी चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।