जयपुर | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आज अपना 47वां स्थापना दिवस पूरे देश के साथ राजस्थान में भी बड़े उत्साह और सांगठनिक गर्व के साथ मना रही है। राजधानी जयपुर में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल रहा।
जयपुर कार्यालय में भव्य आयोजन
सुबह सवेरे जयपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पार्टी का ध्वज फहराकर आधिकारिक कार्यक्रम का आगाज किया। इस दौरान वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। इस गरिमामयी कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता, विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी और समर्पित कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
निजी आवास पर 'सेवा ही संकल्प'
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने न केवल कार्यालय में, बल्कि अपने निजी आवास 'बालाजी टॉवर' पर भी परिवार के सदस्यों के साथ ध्वजारोहण किया। उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं की तपस्या का सम्मान बताया। सीएम ने इस अवसर पर 'सेवा ही संकल्प' का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और निष्ठा ने ही भाजपा को विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में स्थापित किया है।
अंत्योदय और राष्ट्र प्रथम का प्रण
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश के करोड़ों कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा आज देशवासियों की अटूट आशा और विश्वास का सबसे सशक्त प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने अपने संबोधन में तीन मुख्य बिंदुओं पर विशेष जोर दिया: सांगठनिक मजबूती, कार्यकर्ताओं का त्याग और अंत्योदय का लक्ष्य। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रथम हमारा सर्वोपरि संकल्प है और विकास ही हमारी प्राथमिकता है।
वसुंधरा राजे का वैचारिक संदेश
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी स्थापना दिवस पर संगठन की वैचारिक नींव को याद करते हुए भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय को नमन किया। राजे ने अपने संदेश में "Nation First, Party Next, Self Last" के सिद्धांत को दोहराया। उन्होंने राजमाता विजयाराजे सिंधिया के महान योगदान और उनके संघर्षपूर्ण जीवन को भी श्रद्धापूर्वक याद किया।
विरासत और भविष्य का मार्ग
उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे तपस्वी नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी विरासत हमारा परम दायित्व है। इसे सुरक्षित रखना और आगे बढ़ाना ही हमारा कर्तव्य है। वसुंधरा राजे ने अंत में दोहराया कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान ही सच्ची राजनीति है। भारत को वैश्विक शिखर पर ले जाना ही भाजपा का अंतिम लक्ष्य और साधना है।