राजनीति

मिर्धा vs किलक: बीजेपी में भारी कलह: राजस्थान बीजेपी में घमासान: मिर्धा और किलक के बीच जुबानी जंग

Pradeep Beedawat · 27 मई 2026, 09:33 रात
नागौर में बीजेपी नेताओं के बीच भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

जयपुर | राजस्थान के नागौर जिले में भारतीय जनता पार्टी के भीतर की आपसी कलह अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। बीजेपी के दिग्गज नेता रिछपाल मिर्धा और डेगाना विधायक अजय सिंह किलक के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार और घोटालों में शामिल होने के संगीन आरोप लगाए हैं। इस विवाद ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।

रिछपाल मिर्धा के विधायक किलक पर तीखे हमले

बीजेपी नेता रिछपाल मिर्धा ने विधायक अजय सिंह किलक को खुलेआम 'घोटालेबाज' और 'चोर' करार दिया है। उन्होंने किलक की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई है।

मिर्धा का आरोप है कि किलक जब तहसीलदार थे, तभी से वे भ्रष्टाचार के कार्यों में लिप्त रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने भी यह मुद्दा रखा है।

मिर्धा ने दावा किया कि किलक ने जयपुर के मानसरोवर में एक दलित व्यक्ति की करोड़ों की जमीन को कौड़ियों के दाम पर खरीदा है।

मिर्धा के अनुसार, एक करोड़ की जमीन के लिए केवल 10 लाख रुपये दिए गए और बाकी 90 लाख रुपये का गबन किया गया।

बेनामी संपत्ति का लगाया आरोप

रिछपाल मिर्धा ने आगे कहा कि किलक ने अपने भाई के नाम पर कई संपत्तियां कर रखी हैं। उनके पास करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति मौजूद है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किलक अपनी ही सरकार के खिलाफ विधानसभा में पुलिस की डिमांड पर कट मोशन लेकर आए थे।

मिर्धा ने सवाल उठाया कि जब पोषाहार घोटाले में गिरफ्तारियां हो रही हैं, तो अजय सिंह किलक की गिरफ्तारी क्यों नहीं की जा रही है।

विधायक अजय सिंह किलक का करारा पलटवार

रिछपाल मिर्धा के आरोपों का जवाब देते हुए विधायक अजय सिंह किलक ने उन पर निजी हमले किए। किलक ने कहा कि मिर्धा अपना मानसिक संतुलन खो रहे हैं।

किलक ने तंज कसते हुए कहा कि जब से रिछपाल मिर्धा के बेटे विजयपाल चुनाव हारे हैं, तब से वे बौखला गए हैं। उनके परिजनों को उन्हें डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

विधायक ने मिर्धा के अतीत पर सवाल उठाते हुए कहा कि रिछपाल मिर्धा राजनीति में आने से पहले केवल एक ड्राइवर थे।

उन्होंने सवाल किया कि एक पूर्व ड्राइवर के पास आज करोड़ों रुपये की संपत्ति कहां से आई है? उन्होंने मिर्धा को चुनौती दी कि वे आरोप सिद्ध करें।

ड्राइवर की हत्या और गायब होने का मामला

अजय सिंह किलक ने एक पुराना मुद्दा उठाते हुए कहा कि मिर्धा के बेटे का निजी ड्राइवर कई सालों से गायब है। उन्होंने मिर्धा पर ड्राइवर की हत्या का संदेह जताया।

किलक ने कहा कि ड्राइवर ताराचंद के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। सरकार को इस मामले की गहन जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए।

"रिछपाल मिर्धा के पास इतनी संपत्ति कहां से आई? उनके बेटे का ड्राइवर गायब है, उसकी जांच होनी चाहिए। ये लोग केवल झूठ फैला रहे हैं।" - अजय सिंह किलक

पोषाहार घोटाले की पृष्ठभूमि और राजनीतिक इतिहास

यह पूरा विवाद नागौर में हुए करोड़ों रुपये के पोषाहार घोटाले के बाद शुरू हुआ है। हाल ही में एसीबी ने इस मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया है।

किलक का दावा है कि इस घोटाले के दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी दरी पट्टी घोटाले में विजयपाल मिर्धा का नाम लिया था।

गौरतलब है कि रिछपाल मिर्धा और उनके बेटे विजयपाल लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे।

विजयपाल मिर्धा ने 2018 में किलक को हराया था, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में अजय सिंह किलक ने विजयपाल को हराकर बदला लिया था।

एक ही पार्टी में होने के बावजूद इन दोनों गुटों के बीच की सियासी दुश्मनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। यह कलह बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

निष्कर्ष के तौर पर, नागौर की राजनीति में यह वर्चस्व की लड़ाई अब व्यक्तिगत आरोपों तक पहुंच गई है। दोनों नेताओं के बयानों ने पार्टी की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी आलाकमान इस आंतरिक कलह को कैसे सुलझाता है।

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