अजमेर | राजस्थान के अजमेर जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता के बड़े भाई की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
मृतक की पहचान डीडवाना-कुचामन जिले की पीह ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच और भाजपा नेता अमरचंद जाजड़ा के बड़े भाई देवकरण जाजड़ा उर्फ फौजी के रूप में हुई है। वह रविवार को अचेत अवस्था में मिले थे।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव
पुलिस के अनुसार, देवकरण जाजड़ा रविवार दोपहर को अजमेर के गेगल थाना क्षेत्र के छातड़ी गांव में अत्यंत संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
देवकरण की मौत की खबर फैलते ही उनके परिवार और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया। पुलिस ने शव को जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।
परिजनों का अस्पताल के बाहर धरना
सोमवार सुबह से ही मृतक के परिजनों और जाट समाज के लोगों ने जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया है। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया है।
धरने पर बैठे लोगों की मांग है कि इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। वे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
इस बीच, सोशल मीडिया पर देवकरण जाजड़ा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह काफी डरे हुए और मानसिक अवसाद की स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में वह छातड़ी गांव के एक मकान में घुसकर खुद को लोहे की जाली और पत्थरों के पीछे छिपाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोग इसे नशे या गहरे तनाव का असर मान रहे हैं।
पुलिस और एफएसएल टीम की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन मुस्तैद हो गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालचन्द तायल और उप अधीक्षक शमशेर खां के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर जांच में जुटा है।
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (MOB) की टीमों ने घटनास्थल का दौरा कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस हर कोण से इस मामले की जांच कर रही है।
नेताओं ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल
इस घटना को लेकर राज्य की सियासत भी गरमा गई है। पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा और परबतसर विधायक रामनिवास गावडि़या ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
अजमेर ग्रामीण के उप अधीक्षक शमशेर खां ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा:
'देवकरण जाजड़ा अचेतावस्था में मिले थे, जिनकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। परिजनों के संदेह के बाद एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।'
निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस प्रशासन परिजनों को समझाने और धरना समाप्त कराने का प्रयास कर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस रहस्यमयी मौत का सच सामने आ पाएगा, जिससे क्षेत्र में शांति बहाल हो सके।
इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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