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12वां ब्रिक्स संसदीय मंच: संसद भवन परिसर में 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच कल

thinQ360 · 25 अक्टूबर 2026, 05:54 शाम
संसद भवन परिसर में 26 अक्टूबर से 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का आयोजन होगा। इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रूसी स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर आतंकवाद और वैश्विक सहयोग पर चर्चा की।

नई दिल्ली | भारतीय संसद 26 अक्टूबर 2026 को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच (BRICS Parliamentary Forum) की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। दो दिवसीय इस मंच का आयोजन संसद भवन परिसर में किया जाएगा।

इस मंच के औपचारिक शुभारंभ से पहले, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने रूसी संघ की फेडरल असेंबली के स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष महामहिम श्री व्याचेस्लाव वोलोडिन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से द्विपक्षीय बैठक की।

भारत-रूस द्विपक्षीय चर्चा और आतंकवाद पर जोर

बैठक के दौरान भारतीय और रूसी संसदीय प्रतिनिधिमंडलों ने वैश्विक मंचों पर आपसी सहयोग मजबूत करने और आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

श्री बिरला ने 1.4 अरब भारतीयों की ओर से प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित ऐतिहासिक मित्रता को रेखांकित किया।

उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में रूस के निरंतर सहयोग की सराहना की और कहा कि वैश्विक शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट संकल्प दिखाना होगा।

रणनीतिक साझेदारी और राजनयिक संबंध

लोकसभा अध्यक्ष ने उल्लेख किया कि वर्ष 2027 में दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में विशेष रणनीतिक साझेदारी मजबूत हुई है।

संसदीय कूटनीति के तहत उन्होंने 'भारत-रूस अंतर-संसदीय आयोग' की नियमित बैठकों तथा युवा और महिला सांसदों के निरंतर आदान-प्रदान का आह्वान किया।

2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता

वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के संदर्भ में श्री बिरला ने जन-केंद्रित दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित किया और रूस से सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।

उन्होंने समकालीन वैश्विक चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद से निपटने हेतु सामूहिक प्रयासों पर बल दिया।

आर्थिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध

स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष श्री व्याचेस्लाव वोलोडिन ने संयुक्त व्यापार उपक्रमों को बढ़ावा देने और द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश की बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने व्यापार, उद्योग और कृषि में सहयोग विस्तार के साथ सांस्कृतिक एवं जन-जन के संपर्क को प्रगाढ़ करने की रूस की प्रतिबद्धता दोहराई।

अन्य प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात और आगामी कार्यक्रम

लोकसभा अध्यक्ष ने क्यूबा, मिस्र और बेलारूस के संसदीय प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की। सोमवार को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे और प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों से मिलेंगे।

यह मंच "जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सशक्त बनाना" विषय पर केंद्रित होगा और इसमें चार उच्च स्तरीय सत्र आयोजित होंगे। सम्मेलन का समापन 27 अक्टूबर 2026 को होगा।

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