बूंदी | बाणगंगा रोड स्थित वंशीवट फॉर्म में रविवार को भगवान श्री जगन्नाथ का स्नान पूर्णिमा महोत्सव बड़े ही धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और देर रात तक चले कार्यक्रमों का आनंद लिया।
21 कलश गंगाजल से महाअभिषेक
महोत्सव का आयोजन इस्कॉन बूंदी के प्रभारी गजेंद्र पति विष्णु दास महाराज के सानिध्य में किया गया।
इस विशेष अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी का भव्य अभिषेक हुआ।
मंदिर प्रबंधन ने अभिषेक के लिए विशेष रूप से हरिद्वार से पवित्र गंगाजल मंगवाया था।
जब 21 कलशों से महाअभिषेक किया गया, तो पूरा परिसर 'जय जगन्नाथ' के उद्घोष से गूंज उठा।
15 दिनों के अनवसर काल में प्रभु
कार्यक्रम के दौरान हल्की बारिश भी हुई, लेकिन भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई।
भजन संध्या और कीर्तन के दौरान श्रद्धालु भक्ति के सागर में गोते लगाते रहे। सुंदर कथा ने वातावरण को और भी दिव्य बना दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम पारीक ने इस अवसर पर धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार, स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए 'अनवसर' काल में विश्राम करते हैं। इस अवधि में वे अस्वस्थ माने जाते हैं।
इस कारण मंदिर में नियमित दर्शन बंद रहेंगे और अब भगवान रथयात्रा महोत्सव पर ही भक्तों को दर्शन देंगे।
सफल आयोजन में सहयोग
इस महोत्सव को सफल बनाने में विवेक शर्मा, कैलाश गुप्ता, एडवोकेट संजय सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह हाड़ा, रितेश अग्रवाल, योगेश सोनी, करण भाटी, एडवोकेट सुधीर शर्मा और अमित गौतम सहित कई सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनके प्रयासों से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और भक्तों को एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ।
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