बूंदी | राजस्थान के ऐतिहासिक शहर बूंदी के 785वें स्थापना दिवस के अवसर पर पर्यटन विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। श्री रंगनाथ सेवा समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के कायाकल्प और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की कार्ययोजना पर मंथन हुआ।
बूंदी में पर्यटन की अपार संभावनाएं
ईश्वरी निवास में आयोजित इस गोष्ठी में जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बूंदी को प्रकृति ने अनुपम सुंदरता का वरदान दिया है और यहां पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि अब केवल इसके व्यवस्थित रखरखाव और विकास की आवश्यकता है, जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा। प्रशासन इस दिशा में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
विकास कार्यों को मिलेगी गति
जिला कलक्टर ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में स्वीकृत हो चुके सभी विकास कार्यों को एक ठोस कार्ययोजना के तहत धरातल पर उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर की स्थापत्य कला के संरक्षण में बूंदी के निवासियों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
दधिमति मंदिर से मीरांगेट तक के मार्ग को पर्यटकों के लिए अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनाने पर विशेष रूप से काम किया जाएगा।
उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे बूंदी को स्वच्छ, सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए अपने सुझाव दें और पर्यटन के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाएं।
धरोहर संरक्षण और पर्यटक सुरक्षा पर जोर
कार्यक्रम में मौजूद पूर्व राजपरिवार के सदस्य वंशवर्धन सिंह ने बूंदी की ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की धरोहरों के संरक्षण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह हमारी साझा जिम्मेदारी है कि हम अपनी इस अनमोल विरासत को सहेज कर रखें।
वहीं, जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा ने पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित माहौल और पर्यटन स्थलों की पूरी जानकारी मिलनी चाहिए। इससे वे शहर में अधिक समय तक रुकेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का विश्वास दिलाया।
बावड़ियों का होगा विकास, भव्य होगा 'बूंदी महोत्सव'
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर एच.डी. सिंह ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बूंदी की ऐतिहासिक बावड़ियों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए एक ठोस तंत्र तैयार किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि आगामी नवंबर माह में होने वाले 'बूंदी महोत्सव' को इस बार एक नया और भव्य स्वरूप प्रदान किया जाए। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों के साथ-साथ देशी-विदेशी पर्यटकों की भागीदारी को बड़े पैमाने पर बढ़ाना है।
संगोष्ठी को डीएफओ आलोकनाथ गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय सिंह चम्पावत और सामाजिक कार्यकर्ता भंवर सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा, रेडक्रास सचियव अशोक विजय, वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश पारीक, पर्यावरणविद् विठ्ठल सनाढ्य, रंगनाथ सेवा समिति अध्यक्ष सामाजिक कार्यकर्ता पुरूषोत्तम पारीक, गोविंद सिंह, संजय खान आदि मौजूद रहे। संगोष्ठी के समापन पर पशु क्रूरता निवारण समिति के उपाध्यक्ष बलभद्र सिंह ने सभी अतिथियों और प्रबुद्धजनों का धन्यवाद ज्ञापित किया।