जयपुर | राजस्थान में जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियां अब परवान पर हैं। राजधानी जयपुर के कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस बैठक की अध्यक्षता राजस्थान जनगणना विभाग के निदेशक विष्णुचरण मलिक ने की। इसमें जयपुर जिले के सभी उपखण्ड अधिकारियों और तहसीलदारों को जनगणना की बारीकियां सिखाई गईं।
जिला कलेक्टर संदेश नायक की उपस्थिति में आयोजित इस सत्र में जनगणना के महत्व पर चर्चा हुई। अधिकारियों को बताया गया कि यह एक राष्ट्रीय महत्व का बड़ा कार्य है।
डिजिटल और पारदर्शी होगी जनगणना
विष्णुचरण मलिक ने बताया कि जनगणना-2027 ऐतिहासिक होने वाली है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल रूप में संपन्न की जाएगी। इससे डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता बढ़ेगी।
डिजिटल माध्यम से डेटा का त्वरित विश्लेषण करना आसान होगा, जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सटीकता आएगी। यह आधुनिक भारत की ओर एक बड़ा कदम है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को पूरी निष्ठा के साथ पूरा करें। प्रगणकों को फील्ड में काम करते समय पूरी सावधानी बरतनी होगी।
"जनगणना-2027 एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसकी गुणवत्ता सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने वाले व्यक्ति से जुड़ी होती है।"
जयपुर जिले का व्यापक खाका
कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि जयपुर की अनुमानित जनसंख्या करीब 35.54 लाख है। इस विशाल कार्य के लिए जिले में कुल 38 चार्ज अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
इसमें 20 तहसीलदार, 2 नगर परिषद आयुक्त और 16 अधिशाषी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जनगणना के कार्य को सुचारू बनाने के लिए यह टीम वर्क बहुत जरूरी है।
फील्ड वर्क के लिए 4817 प्रगणक और 780 सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। ये कर्मचारी 5277 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में जाकर मकानों की सूची तैयार करेंगे और गणना करेंगे।
प्रशिक्षण सत्र में जनगणना कार्य निदेशालय के संयुक्त निदेशक पुनित मेहरोत्रा ने स्व-गणना और फील्ड कार्य की समयसीमा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने तकनीकी पहलुओं को समझाया।
महत्वपूर्ण तिथियां और प्रक्रिया
मकान सूचीकरण और स्व-गणना का कार्य 1 से 15 मई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसमें आमजन को भी स्व-गणना के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि वे स्वयं जानकारी भरें।
इसके बाद 16 मई से 14 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर डेटा संकलन का काम करेंगे। इस दौरान भीषण गर्मी को देखते हुए प्रगणकों के लिए विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया है। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
यह जनगणना न केवल जनसंख्या के आंकड़े देगी, बल्कि भविष्य की नीतियों के निर्माण में भी मील का पत्थर साबित होगी। जयपुर प्रशासन इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए संकल्पित है।
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