मुंबई | सेंट्रल रेलवे के स्टेशनों पर सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बहुत ही जरूरी खबर सामने आई है। 1 जून से रेलवे स्टेशनों पर आपकी जेब पर महंगाई का बोझ और बढ़ने वाला है। अब समोसा और वड़ा पाव जैसे पसंदीदा स्नैक्स के लिए आपको पहले के मुकाबले अधिक पैसे खर्च करने होंगे। रेलवे प्रशासन ने नई संशोधित दरों को मंजूरी दे दी है।
रेलवे में खाना महंगा: रेलवे में 1 जून से महंगा होगा समोसा, देखें नई रेट लिस्ट
सेंट्रल रेलवे ने समोसे और वड़ा पाव के दाम बढ़ाए, 1 जून से लागू होंगी नई दरें।
HIGHLIGHTS
- सेंट्रल रेलवे के स्टेशनों पर 1 जून से खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं।
- 12 रुपये वाला समोसा अब 20 रुपये और 13 रुपये वाला वड़ा पाव 20 रुपये में मिलेगा।
- लागत में बढ़ोतरी और फूड क्वालिटी में सुधार के लिए रेलवे ने कीमतों में संशोधन किया है।
- मिसल पाव, कचोरी और दाबेली जैसी कुछ चीजों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
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महंगाई की मार अब रेलवे के खाने पर
रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाले खाने-पीने की चीजों के दाम में भारी बढ़ोतरी की गई है। एलपीजी गैस और कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण रेलवे ने यह कड़ा फैसला लिया है।
सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम बढ़ती इनपुट लागतों को एडजस्ट करने के लिए उठाया गया है। इससे यात्रियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
ऑफिस ऑफ चीफ कमर्शियल मैनेजर द्वारा जारी आधिकारिक सर्कुलर में रेट बढ़ाने की स्पष्ट बात कही गई है। यह नियम सेंट्रल रेलवे के तहत आने वाले सभी स्टेशनों पर समान रूप से लागू होगा।
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समोसा और वड़ा पाव हुए काफी महंगे
सबसे ज्यादा बिकने वाले वेज समोसे की कीमत अब 12 रुपये से बढ़कर सीधे 20 रुपये हो गई है। यानी अब आपको एक समोसे के लिए 8 रुपये ज्यादा देने होंगे।
वहीं महाराष्ट्र का सबसे पसंदीदा नाश्ता वड़ा पाव भी अब महंगा हो गया है। पहले जो वड़ा पाव 13 रुपये में मिलता था, अब उसके लिए आपको 20 रुपये चुकाने होंगे।
रगड़ा पाव की कीमत भी अब 20 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये कर दी गई है। वेज सैंडविच के लिए अब यात्रियों को 35 रुपये का भुगतान करना होगा।
अन्य पकवानों के नए रेट की सूची
अगर आप वेज चीज़ सैंडविच के शौकीन हैं, तो अब इसके लिए 45 रुपये खर्च करने होंगे। वेज पफ या पेटीस की कीमत भी अब 20 रुपये तय की गई है।
ढोकला (100 ग्राम) अब 25 रुपये में मिलेगा, जबकि नमकीन पोहा की एक प्लेट के लिए 20 रुपये देने होंगे। साबूदाना वड़ा की कीमत अब 20 रुपये प्रति पीस होगी।
पाव भाजी, जो स्टेशनों पर काफी लोकप्रिय है, अब 50 रुपये में मिलेगी। इसके साथ ही वेज पिज्जा का दाम भी बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है।
दक्षिण भारतीय व्यंजनों के नए दाम
दक्षिण भारतीय व्यंजनों के शौकीनों के लिए भी खबर अच्छी नहीं है। मसाला डोसा अब 35 रुपये में मिलेगा, जबकि प्लेन डोसा के लिए 25 रुपये देने होंगे।
इडली सांभर की प्लेट अब 30 रुपये में मिलेगी। मेदू वड़ा और चटनी के लिए यात्रियों को 35 रुपये खर्च करने होंगे। रवा इडली की कीमत 35 रुपये होगी।
दही वड़ा की एक प्लेट के लिए अब 35 रुपये का भुगतान करना होगा। इसके अलावा वेज कटलेट की जोड़ी भी अब 35 रुपये में ही उपलब्ध होगी।
किन चीजों के दाम में नहीं हुआ बदलाव?
राहत की बात यह है कि रेलवे ने कुछ चीजों की कीमतों को स्थिर रखा है। मिसल पाव अभी भी पहले की तरह 35 रुपये में ही उपलब्ध रहेगा।
कचोरी की कीमत में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है, यह 15 रुपये में मिलेगी। दाबेली भी अपने पुराने रेट यानी 20 रुपये पर ही बिकती रहेगी।
ब्रेड पकोड़ा और प्याज पकोड़ा की कीमत 25 रुपये रखी गई है। मूंग भजिया के लिए यात्रियों को 30 रुपये खर्च करने होंगे।
"बढ़ती लागत और बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कीमतों में संशोधन आवश्यक था। हम यात्रियों को बेहतर और स्वच्छ भोजन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
वेंडर्स के लिए सख्त निर्देश और स्वच्छता
दाम बढ़ाने के साथ ही रेलवे प्रशासन ने वेंडर्स के लिए कुछ कड़े नियम भी बनाए हैं। सभी स्टॉल संचालकों को खाने की क्वालिटी सुधारने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
स्टेशनों पर स्वच्छता मानकों का पालन करना अब अनिवार्य होगा। वेंडर्स को अपनी स्टॉल पर दो भाषाओं में रेट लिस्ट लगानी होगी ताकि यात्री आसानी से समझ सकें।
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ओवरचार्जिंग की शिकायतों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किए जाएंगे।
यात्रियों के बजट पर पड़ेगा असर
इस बढ़ोतरी से रोजाना सफर करने वाले मध्यम वर्गीय यात्रियों के बजट पर असर पड़ना तय है। खासकर उन लोगों के लिए जो काम के सिलसिले में ट्रेन में नाश्ता करते हैं।
हालांकि, रेलवे का दावा है कि नई दरों के बाद खाने की हाइजीन और स्वाद में बड़ा सुधार आएगा। अब देखना यह है कि क्या यात्री इस बढ़ी हुई कीमत से संतुष्ट होते हैं।
निष्कर्ष | रेलवे स्टेशनों पर खान-पान की नई दरें 1 जून से प्रभावी हो रही हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लागत और गुणवत्ता के बीच संतुलन बनाना है ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके।
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