जयपुर | प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी की नई कैबिनेट (Cabinet) में राजस्थान का कद बढ़ गया है। मोदी के मंत्रिमंडल में इस बार प्रदेश को 4 मंत्री मिले हैं। इसमें 2 कैबिनेट, एक स्वतंत्र प्रभार और एक राज्य मंत्री (state Minister) हैं।
कैबिनेट मंत्री: चौधरी पहली, यादव दूसरी और शेखावत-मेघवाल तीसरी बार मंत्री बने
मोदी के मंत्रिमंडल में इस बार प्रदेश को 4 मंत्री मिले हैं।
HIGHLIGHTS
- 2 कैबिनेट, एक स्वतंत्र प्रभार और एक राज्य मंत्री हैं
- राजस्थान से जिन 4 सांसदों को मंत्री बनने का मौका मिला, उसमें दो ओबीसी, एक दलित और एक सामान्य वर्ग से हैं।
संबंधित खबरें
अलवर से सांसद भूपेंद्र यादव, जोधपुर से गजेंद्र सिंह शेखावत को कैबिनेट मंत्री (Cabinet Minister) बनाया गया है। वहीं बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल ने राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) और भागीरथ चौधरी ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली। चौधरी पहली बार केंद्रीय मंत्री (central minister) बने हैं।
इन चार के अलावा कैबिनेट मंत्री बने अश्विनी वैष्णव भी जोधपुर से हैं। हालांकि वे ओडिशा से राज्यसभा सांसद हैं। पिछली सरकार में राजस्थान से एक कैबिनेट मंत्री (Cabinet Minister) ही था। हालांकि लोकसभा अध्यक्ष भी राजस्थान से ही थे।
भूपेंद्र यादव सरकार में नंबर 23, शेखावत 24
कैबिनेट मंत्री (Cabinet Minister) बनाए गए भूपेंद्र यादव और गजेंद्र सिंह शेखावत ने लगातार शपथ ली। यादव ने सरकार में 23वें और शेखावत ने 24वें नंबर पर शपथ ली। वहीं, अश्विनी वैष्णव ने 21वें नंबर पर शपथ ली थी।
संबंधित खबरें
एक सामान्य, एक दलित और दो ओबीसी वर्ग से मंत्री
राजस्थान से जिन 4 सांसदों को मंत्री बनने का मौका मिला, उसमें दो ओबीसी (OBC), एक दलित और एक सामान्य (General) वर्ग से हैं। भूपेंद्र यादव और भागीरथ चौधरी ओबीसी (OBC) वर्ग से आते हैं। भागीरथ जाट समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। वहीं अर्जुनराम मेघवाल राजस्थान का प्रमुख दलित चेहरा हैं और गजेंद्र सिंह शेखावत राजपूत समाज से आते हैं।
3 कार्यकाल में सबसे कम सांसद, लेकिन सबसे ज्यादा मंत्री
राजस्थान में इस बार पिछले लोकसभा चुनाव से 11 सीटें कम आई हैं। लोकसभा सांसदों (Lok Sabha MPs) की संख्या के हिसाब से इस बार राजस्थान से मंत्री बनने वाले सांसदों का प्रतिशत सबसे ज्यादा है। इस बार 14 में से 4 यानी 28.5% लोकसभा सांसद मोदी कैबिनेट का हिस्सा हैं।
2019 में राजस्थान से 25 में से सिर्फ 4 यानी 16% लोकसभा सांसद केंद्रीय मंत्री (central minister) और लोकसभा अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे थे। जबकि 2014 में 25 में से 5 यानी 20% फीसदी लोकसभा सांसदों को केंद्रीय मंत्री (central minister) बनने का मौका मिला था।
मोदी कैबिनेट में राजस्थान की हिस्सेदारी 2.84%
मोदी के मंत्रिमंडल में 71 मंत्री हैं। राजस्थान से 4 मंत्री बनाए गए हैं। इस हिसाब से कैबिनेट (Cabinet) में राजस्थान की भागीदारी 2.84% है। यदि अश्विनी वैष्णव को भी राजस्थान में गिना जाए तो यह हिस्सेदारी 3.55 फीसदी होती है।
1996 से 2009 तक राजस्थान से 3 से 5 मंत्री रहे
1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की एनडीए (NDA) सरकार - राजस्थान से भाजपा के 12 प्रत्याशी जीतकर गए थे। एक जसवंत सिंह मंत्री बने।
1998 में वाजपेयी की दूसरी एनडीए (NDA) सरकार - राजस्थान से भाजपा के 5 प्रत्याशी जीते। पहले वसुंधरा राजे, एक साल बाद जसवंत सिंह मंत्री बने।
1999 में वाजपेयी की तीसरी एनडीए (NDA) सरकार - 16 प्रत्याशी जीते। वसुंधरा, जसवंत सिंह मंत्री बने। बाद में जसकौर मीणा को भी जगह दी गई।
2004 में मनमोहन सिंह की यूपीए (UPA) सरकार - राजस्थान में कांग्रेस के 4 प्रत्याशी जीते। तीन शीशराम ओला, नटवर सिंह और नमोनारायण मीणा मंत्री बने।
2009 में मनमोहन सिंह की दूसरी यूपीए (UPA) सरकार - राजस्थान से कांग्रेस के 20 प्रत्याशी जीतकर सांसद बने। सरकार गठन के समय दो यानी डॉ. सीपी (CP) जोशी और सचिन पायलट मंत्री बने। बाद में अलग-अलग समय 5 अन्य सांसदों को भी मंत्री बनाया गया था।
ताज़ा खबरें
जयपुर में दीक्षांत समारोह में बवाल: छात्रा ने डिप्टी सीएम के मुंह पर कहा- 'बेइज्जती करके इज्जत देने का शुक्रिया'
राजस्थान भाजपा की नई मीडिया टीम घोषित: मदन राठौड़ के निर्देश पर संभाग और जिला प्रभारियों की नियुक्ति, देखें पूरी लिस्ट
मोदी सरकार का बड़ा फैसला: राजस्थान में 1019 नए आयुष केंद्रों को मिली मंजूरी, गांव-गांव तक पहुचेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
जयपुर: महिला कांग्रेस का प्रदर्शन पूरी तरह फ्लॉप, राखी राठौड़ ने कांग्रेस के 'झूठ' और 'भ्रम' की राजनीति को बेनकाब किया