राजस्थान

IAS प्रोबेशनर्स को मुख्य सचिव की सीख: जयपुर: आईएएस प्रोबेशनर्स को मुख्य सचिव ने दिया खास मंत्र

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 26 अप्रैल 2026, 11:18 दोपहर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आईएएस प्रोबेशनर्स को निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ काम करने की सलाह दी।

जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित हरीशचन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम रीपा) में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने 2024 बैच के प्रोबेशनर्स आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रशिक्षण का अंतिम पड़ाव और जिम्मेदारी

मुख्य सचिव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में होने वाला आगामी चार माह का प्रशिक्षण आपके करियर की दिशा तय करेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को इस अंतिम चरण को पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ संपन्न करने के लिए प्रेरित किया।

श्रीनिवास ने जोर देते हुए कहा कि अगस्त 2026 में जब आप एसडीएम के रूप में कार्यभार संभालेंगे, तब यह प्रशिक्षण आपकी कार्यकुशलता में निखार लाएगा। संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना ही एक कुशल प्रशासक की असली पहचान होती है, जो जनहित में आवश्यक है।

फ्लैगशिप योजनाओं पर नवाचारी दृष्टिकोण

संस्थान की महानिदेशक श्रीमती श्रेया गुहा ने मुख्य सचिव को अधिकारियों द्वारा तैयार की गई जिला प्रशिक्षण रिपोर्ट और फ्लैगशिप योजनाओं की प्रस्तुतियों से अवगत कराया। इन प्रस्तुतियों में राज्य के विकास के प्रति युवा अधिकारियों का एक नया और आधुनिक दृष्टिकोण साफ दिखाई दिया।

लोक सेवा की उच्चतम मर्यादाओं को बनाए रखना और आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना ही आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।

श्रीमती गुहा ने एचसीएम रीपा को देश का अग्रणी प्रशिक्षण केंद्र बताते हुए यहाँ के कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों को धरातल की चुनौतियों को समझने का वास्तविक अवसर मिला है।

वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन

इस अवसर पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हेमंत गेरा, अम्बरीष कुमार और समित शर्मा ने भी युवा अधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने नई भूमिकाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए उन्हें प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने के गुर भी सिखाए।

प्रशिक्षण के इस महत्वपूर्ण चरण को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद 2024 बैच के ये अधिकारी अब मसूरी के लिए प्रस्थान करेंगे। यह विदाई सत्र न केवल एक औपचारिकता थी, बल्कि युवा अफसरों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत भी बना।

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