छत्रपति संभाजीनगर |
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के अध्यक्ष अभिजीत दीपके 40 दिनों के बाद अपने घर छत्रपति संभाजीनगर लौटे हैं। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें एक इन्फ्लुएंसर बनने की सलाह दे डाली।
दीपके ने सरकार को प्रदर्शनकारी छात्रों का उत्पीड़न तुरंत बंद करने की भी चेतावनी दी।
40 दिनों बाद घर वापसी और गर्मजोशी से स्वागत
अभिजीत दीपके, जिन्होंने NEET और अन्य परीक्षा धांधलियों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था, 40 दिनों के लंबे समय के बाद अपने गृहनगर लौटे।
घर पहुंचने पर उनके समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की और विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी।
पीएम मोदी को दी इन्फ्लुएंसर बनने की सलाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंस्टाग्राम पर सक्रिय रहने और वीडियो साझा करने के बारे में पूछे जाने पर, दीपके ने एक तीखा तंज कसा।
मराठी न्यूज लोकसत्ता की एक रिपोर्ट के अनुसार, दीपके ने कहा, 'मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी को अब एक इन्फ्लुएंसर बन जाना चाहिए। वह सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में काफी अच्छा काम कर रहे हैं। उन्हें अब प्रधानमंत्री की कुर्सी छोड़ देनी चाहिए, देश चलाने के लिए कोई और नेता यह जिम्मेदारी संभाल सकता है।'
प्रदर्शनकारी छात्रों पर एक्शन से भड़के दीपके
देश के विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ हो रही कार्रवाई पर अभिजीत दीपके ने गहरी चिंता व्यक्त की और सरकार को चेतावनी दी।
'सरकार छात्रों का उत्पीड़न बंद करे'
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे के बावजूद छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है, क्योंकि यह गुस्सा सीधे तौर पर सरकार की नीतियों के खिलाफ है।
दीपके ने अपील की कि सरकार पुलिस के माध्यम से प्रदर्शनकारियों का पीछा करना और उन्हें परेशान करना तुरंत बंद करे।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर उत्पीड़न नहीं रुका, तो आने वाले चुनावों में युवा और प्रदर्शनकारी सरकार को कड़ा सबक सिखाएंगे। हम फिर से सड़क पर उतरेंगे और जल्द उतरेंगे।'
कंगना रनौत और धर्मेंद्र प्रधान पर भी बोले
बातचीत के दौरान दीपके ने भाजपा सांसद कंगना रनौत और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़े सवालों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
कंगना को गंभीर राजनेता नहीं मानते
भाजपा सांसद कंगना रनौत के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने कहा कि वह कोई गंभीर राजनीतिक हस्ती नहीं हैं। इसलिए, वह या उनका संगठन उनके बयानों को कोई महत्व नहीं देता।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जश्न क्यों?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP कार्यकर्ताओं द्वारा जश्न मनाने पर भाजपा की आपत्ति का जवाब देते हुए दीपके ने कहा कि उनके स्वयंसेवक 36 दिनों तक सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने घर के अंदर एक दिन अपनी खुशी जाहिर कर दी तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
दीपके ने भाजपा पर पलटवार करते हुए सवाल उठाया, 'जब 21 छात्रों ने आत्महत्या की थी, तब संसद में धर्मेंद्र प्रधान का जिस तरह भव्य स्वागत किया गया, क्या उस समय भाजपा को शर्म नहीं आई?'
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