राजस्थान

पुष्कर बनेगा विश्वस्तरीय तीर्थ: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला: पुष्कर को मिलेगा नया स्वरूप, विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा तीर्थराज

मानवेन्द्र जैतावत · 31 मार्च 2026, 08:29 सुबह
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुष्कर के समग्र विकास के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इसमें पौराणिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ घाटों, मंदिरों और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है।

जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने तीर्थराज पुष्कर को एक नए और भव्य स्वरूप में ढालने की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने पुष्कर के समग्र विकास की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पुष्कर की पौराणिक और आध्यात्मिक विरासत को सहेजते हुए इसे विश्वस्तरीय तीर्थाटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। इस योजना का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जोड़ना है।

मंदिरों और घाटों का होगा सौंदर्यकरण

बैठक के दौरान ब्रह्मा मंदिर सहित पुष्कर के सभी प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यकरण पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। पुष्कर सरोवर के घाटों की स्वच्छता और वहां उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। इसके साथ ही, तीर्थ की दिव्यता और भव्यता को निखारने के लिए आधुनिक तकनीक और पारंपरिक स्थापत्य कला का समन्वय किया जाएगा।

बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव

पुष्कर के विकास के लिए एक भव्य एंट्री प्लाजा का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, परिक्रमा मार्गों का सौंदर्यकरण और नई सड़कों का निर्माण भी इस कार्ययोजना का हिस्सा है। इससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सहयोग और स्थानीय सुझावों से ही विकास कार्य प्रभावी बनेंगे। बैठक में मौजूद साधु-संतों और स्थानीय नागरिकों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए, जिन्हें योजना में शामिल करने का आश्वासन दिया गया है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

इस वृहद विकास योजना से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पुष्कर की वैश्विक पहचान और अधिक सुदृढ़ होगी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने साधु-महंतों का अभिनंदन कर उनके सुझावों को प्राथमिकता देने की बात कही।

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