जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राजधानी जयपुर में नेटवर्क 10 द्वारा आयोजित 'संत संसद' कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संतों का जीवन संपूर्ण विश्व के कल्याण और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित होता है।
उनके पावन सानिध्य में ही व्यक्ति अपने जीवन और कर्मों को वास्तविक सार्थकता प्रदान कर सकता है।
धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों का संरक्षण
राज्य सरकार प्रदेश की गौरवशाली परंपराओं के संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में राजकीय मंदिरों में भव्य आयोजन हेतु वित्तीय स्वीकृतियां दी गई हैं।
इसके साथ ही, मंदिरों की सेवा करने वाले पुजारियों के मानदेय में भी सम्मानजनक वृद्धि की गई है। सरकार का उद्देश्य हर मंदिर को सामाजिक चेतना का केंद्र बनाना है।
तीर्थ स्थलों के विकास का रोडमैप
भजनलाल शर्मा ने कहा कि पूंछरी का लौठा, खाटूश्याम जी और तीर्थराज पुष्कर जैसे पवित्र स्थलों के कायाकल्प के लिए सरकार ने विस्तृत रोडमैप तैयार किया है।
इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता पर किया जा रहा है। सरकार 'कृष्ण गमन पथ' परियोजना के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण के स्थलों को जोड़ रही है।
यह कदम न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि सनातन संस्कृति के संरक्षण की दिशा में भी एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध होगा।
गौ-वंश संरक्षण हेतु बड़ा अनुदान
गौ-सेवा को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गौशालाओं में गायों के चारे के लिए प्रतिदिन 50 रुपये और बछड़ों के लिए 25 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।
यह राशि गौ-वंश के बेहतर भरण-पोषण में सहायक होगी। इसके अतिरिक्त, राज्य की गौशालाओं में टीनशेड, पेयजल और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार गौ-वंश के संरक्षण के लिए आधुनिक संसाधनों का उपयोग कर रही है ताकि उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित हो सके।
गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढम, विधायक श्री कुलदीप धनकड़ और श्री बालमुकुंदाचार्य भी उपस्थित रहे।
साथ ही मेहंदीपुर बालाजी के महंत 1008 श्री नरेश पुरी जी महाराज और बड़ी संख्या में साधु-साध्वी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सभी संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
भजनलाल शर्मा ने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार उनके मार्गदर्शन में जन-कल्याण के कार्यों को गति देती रहेगी। यह कार्यक्रम सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बनकर उभरा है।