राजस्थान

सगत सिंह राठौड़ की प्रतिमा का अनावरण: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चूरू में किया लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की प्रतिमा का अनावरण, सैनिक कल्याण के लिए बड़ी घोषणाएं

प्रदीप बीदावत · 22 अप्रैल 2026, 10:08 रात
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चूरू में लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने राजस्थान को वीरों की भूमि बताते हुए सैनिक कल्याण और विकास कार्यों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

चूरू |  राजस्थान की वीर धरा पर आज एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चूरू जिले के दौरे के दौरान महान सेनानायक लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया।
चूरू में आयोजित इस गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री ने ‘शौर्य के साथ संकल्प दिवस’ कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान वीरों और रणबांकुरों की वह पवित्र भूमि है, जहां के सपूतों ने हर युद्ध में अपने अदम्य साहस का परिचय दिया है।

वीरता और शौर्य का अप्रतिम उदाहरण

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सगत सिंह राठौड़ का जीवन वीरता, शौर्य और साहस का एक ऐसा उदाहरण है, जो सदियों तक युवाओं को प्रेरित करता रहेगा।
उन्होंने बताया कि जनरल राठौड़ ने मात्र 19 वर्ष की आयु में बीकानेर रियासत की सेना से अपने सैन्य सफर की शुरुआत की थी। वह एक ऐसे दूरदर्शी सेनानायक थे जिन्होंने भारतीय सेना में कई नवाचार किए और देश का मान बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ जिक्र किया कि जनरल सगत सिंह ने भारत के पहले हेलीकॉप्टर सैन्य अभियान का सफल नेतृत्व किया था। 1967 में नाथूला बॉर्डर पर चीन को धूल चटाने से लेकर 1971 में बांग्लादेश को मुक्त कराने तक, उनका योगदान अविस्मरणीय है।

सम्मान में स्टेडियम का नामकरण

इस अवसर पर एक बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पद्म भूषण और परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित इस महान योद्धा के सम्मान में चूरू स्टेडियम का नाम अब 'सगत सिंह राठौड़ स्टेडियम' होगा।
उन्होंने कहा कि इन युगपुरुषों की शौर्य गाथाएं केवल इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आने वाली पीढ़ियों को इनके बलिदान से रूबरू कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिमा केवल पत्थर की मूरत नहीं, बल्कि देश के प्रति समर्पण और राष्ट्रभक्ति का एक जीवंत प्रतीक है। इसे देखकर युवा सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लेंगे और गौरवान्वित महसूस करेंगे।

सैनिक कल्याण के लिए ऐतिहासिक कदम

भजनलाल शर्मा ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि हमारी सरकार सैनिक कल्याण के लिए पूरी तरह सजग और समर्पित है। हमने डीडवाना-कुचामन में प्रदेश के पहले एकीकृत सैनिक कल्याण परिसर की नींव रखी है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में नवीन जिला सैनिक कल्याण कार्यालय खोले जा रहे हैं। इससे पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान होगा।
सरकार ने वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों के लिए विशेष रियायतों की घोषणा की है। आरटीडीसी के होटलों और गेस्ट हाउसों में वीरांगनाओं को 50 प्रतिशत और सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 प्रतिशत की भारी छूट दी जा रही है।

अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को सौगात

सैनिकों के मान-सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों की पेंशन में भी बढ़ोतरी की गई है। राजस्थान एक्स सर्विसमेन कॉर्पोरेशन के जरिए कार्यरत सैनिकों के मानदेय को भी बढ़ाया गया है।
युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि अग्निवीरों के लिए पुलिस, जेल गार्ड और अग्निशमन सेवाओं में विशेष आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इससे अग्निवीरों का भविष्य सुरक्षित होगा और वे समाज में अनुशासित योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि जो सैनिक सीमा पर देश की रक्षा कर रहे हैं, उनके परिवार को पीछे किसी भी तरह की चिंता न हो। इसके लिए हम हर संभव सहायता और सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पीएम मोदी का नेतृत्व और सेना का आधुनिकीकरण

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि दशकों से लंबित 'वन रैंक वन पेंशन' की मांग को मोदी जी ने ही पूरा किया। इससे लाखों पूर्व सैनिकों को उनका वाजिब हक और सम्मान मिला है।
उन्होंने कहा कि 'मेक इन इंडिया' के माध्यम से आज भारतीय सेना का आधुनिकीकरण हो रहा है। आज भारत अपनी रक्षा जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं है, बल्कि हम खुद अत्याधुनिक हथियार निर्यात करने की क्षमता रखते हैं।
प्रधानमंत्री के विजन से आज भारतीय सेना का मान पूरे विश्व में बढ़ा है। सशस्त्र बलों की अनुशासित कार्यवाही के कारण ही आज नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्याओं का समाधान संभव हो पाया है और देश आंतरिक रूप से सुरक्षित हुआ है।

राजस्थान के विकास का रोडमैप

समारोह में मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार ने पिछले सवा दो साल में प्रदेश के विकास का एक ठोस रोडमैप तैयार किया है, जिस पर तेजी से अमल हो रहा है।
उन्होंने गर्व से बताया कि संकल्प पत्र में किए गए 74 प्रतिशत वादों को सरकार ने बहुत कम समय में पूरा कर लिया है। शेष वादों को भी समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा ताकि राजस्थान को अग्रणी राज्य बनाया जा सके।
प्रदेश में पानी की किल्लत दूर करने के लिए ईआरसीपी, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर, देवास और माही जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। यमुना समझौते से शेखावाटी क्षेत्र की प्यास बुझेगी और यहां की तस्वीर बदल जाएगी।

लोकसभा अध्यक्ष और राज्यपाल के विचार

कार्यक्रम में उपस्थित लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जनरल सगत सिंह को एक 'अजेय योद्धा' बताया। उन्होंने कहा कि गोवा मुक्ति संग्राम में भी जनरल राठौड़ का योगदान अतुलनीय रहा है और उनकी प्रतिमा युवाओं को नई दिशा देगी।
सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने कहा कि नाथूला बॉर्डर पर जनरल सगत सिंह के साहस के कारण ही सिक्किम की जनता आज भी 11 सितंबर को 'नाथूला विजय दिवस' के रूप में मनाती है। उनका जीवन प्रेरणा का अटूट स्रोत है।

समारोह में उमड़ा जनसैलाब

मुख्यमंत्री ने इस दौरान जनरल सगत सिंह की जीवनी पर आधारित शिलापट का भी अवलोकन किया। उन्होंने वहां नवनिर्मित वॉर मेमोरियल का भी विधिवत उद्घाटन किया, जो शहीदों की यादों को संजोए रखेगा।
समारोह में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत, देवेंद्र झाझड़िया और विधायक हरलाल सहारण सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक राजेंद्र राठौड़ को जन्मदिन की बधाई भी दी।

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