जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बगरू के ठिकरिया गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल के दौरान प्रदेशवासियों को विकास का नया रोडमैप दिखाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साझा किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मुख्य लक्ष्य समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाना है। इसमें किसान, मजदूर, महिला और युवा वर्ग विशेष रूप से शामिल हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जब ये चारों स्तंभ मजबूत होंगे, तभी हमारा देश और प्रदेश विकसित बनेगा। इसके लिए सरकार निरंतर धरातल पर कार्य कर रही है।
ग्रीन मोबिलिटी और ईंधन बचत का बड़ा संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया। वे मुख्यमंत्री निवास से ठिकरिया गांव तक इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) बस से पहुंचे।
उनके साथ शासन और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इसी बस में यात्रा की। यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मिसाल पेश करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा ईंधन बचत की अपील की है। साझा परिवहन और ईवी बस का उपयोग कर उन्होंने ग्रीन मोबिलिटी का संदेश दिया।
उन्होंने आमजन से भी आग्रह किया कि वे अनावश्यक ईंधन खर्च से बचें। ईंधन की बचत न केवल पर्यावरण के लिए जरूरी है, बल्कि यह आर्थिक बचत भी है।
ग्राम-2026 के आयोजन पर बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री ने बताया कि 27 अप्रैल को पूरे प्रदेश में ग्राम विकास रथ भेजे गए थे। इन रथों ने सरकार की योजनाओं और ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट की जानकारी दी।
हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन बचत के आह्वान को देखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। ग्राम-2026 के आयोजन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए। साझा वाहन उपयोग की आदत विकसित करना समय की मांग है। इससे हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
किसानों की खुशहाली के लिए डबल इंजन सरकार
भजनलाल शर्मा ने किसानों के कल्याण के लिए राज्य और केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी उन्नति सर्वोपरि है।
प्रधानमंत्री ने किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की सम्मान निधि देने की शुरुआत की थी। अब राजस्थान सरकार ने इसमें 3 हजार रुपये अतिरिक्त जोड़े हैं।
अब प्रदेश के किसानों को कुल 9 हजार रुपये की सम्मान निधि मिल रही है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है जिससे बिचौलिए खत्म हुए।
कृषि क्षेत्र में आधुनिक बदलाव और आधारभूत ढांचा
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लिए मंडियां और गोदामों का जाल बिछाया जा रहा है। स्थानीय उपज के अनुसार प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
इससे किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलेगा। वे अपनी उपज को प्रोसेस कर बाजार में अच्छे दाम पर बेच सकेंगे और आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे।
उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीक और जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया। रसायनों के कम उपयोग से न केवल जमीन की उर्वरता बढ़ेगी, बल्कि स्वास्थ्य भी सुधरेगा।
नारी शक्ति का बढ़ता सम्मान और अधिकार
महिलाओं के सशक्तिकरण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान से समाज की सोच बदली है। इससे लिंगानुपात में सुधार आया है।
घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा मिली है। उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाकर रसोई को आधुनिक बनाया है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की पहल की गई है। यह ऐतिहासिक कदम महिलाओं को राजनीति में आगे लाएगा।
लखपति दीदी और स्वरोजगार की सफलता
राजस्थान में राजीविका के माध्यम से 22 लाख महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है। इनमें से 17.5 लाख महिलाएं अब 'लखपति दीदी' की श्रेणी में आ चुकी हैं।
ठिकरिया गांव की इंद्रा शर्मा ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। वे स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आज सालाना 10 लाख रुपये से अधिक कमा रही हैं।
इंद्रा शर्मा ने बताया कि वे अब 'मिलेनियर दीदी' बन चुकी हैं। उनके समूह की महिलाएं बगरू प्रिंट और अन्नपूर्णा रसोई जैसे क्षेत्रों में शानदार काम कर रही हैं।
"राजीविका की मदद से हम घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर आर्थिक रूप से सक्षम बनी हैं। आज हमारे समूह से 3500 महिलाएं जुड़ी हैं।" - इंद्रा शर्मा
वहीं कोमल शर्मा ने बताया कि वे वेस्ट सामग्री को रिसाइकिल कर पेपर प्रोडक्ट्स बना रही हैं। इससे उन्हें सालाना 5 से 6 लाख रुपये की बचत हो रही है।
युवाओं को रोजगार और पेपरलीक पर कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। पिछली सरकार में हुए पेपरलीक मामलों पर कड़ी कार्रवाई हुई है।
प्रदेश में सवा लाख से अधिक युवाओं को सरकारी पदों पर नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। इसके अलावा 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्तियां जारी हैं।
सरकार ने भर्तियों का कैलेंडर भी जारी कर दिया है ताकि युवाओं को समय पर अवसर मिलें। राइजिंग राजस्थान समिट के जरिए निजी क्षेत्र में भी रोजगार बढ़ेगा।
जल और ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार
पानी की समस्या के समाधान के लिए सरकार ने रामजल सेतु लिंक और यमुना जल समझौता किया है। इंदिरा गांधी नहर और गंगनहर परियोजनाओं पर भी काम जारी है।
ऊर्जा के क्षेत्र में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई है। इससे किसानों को रात में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी।
गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पशुपालकों को ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है। डेयरी क्षेत्र में प्रसंस्करण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जा रही है ताकि दूध उत्पादन बढ़े।
निष्कर्ष और भविष्य का विजन
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि विकसित ग्राम-वार्ड अभियान के माध्यम से गांवों और शहरों के विकास का खाका तैयार किया जा रहा है। जनसहभागिता से ही प्रदेश आगे बढ़ेगा।
ग्राम विकास चौपाल जैसे कार्यक्रमों से सरकार सीधे जनता से जुड़ रही है। इससे समस्याओं का त्वरित समाधान और योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है।
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