राजस्थान

CM भजनलाल का किसानों को तोहफा: बांसवाड़ा में CM भजनलाल की चौपाल: किसानों को मिलेंगे ₹30000

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 21 मई 2026, 12:00 दोपहर
बांसवाड़ा में ग्राम विकास चौपाल के दौरान सीएम भजनलाल शर्मा ने किसानों के लिए बड़े ऐलान किए हैं।

बांसवाड़ा | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ स्थित चुड़ादा गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल में शिरकत की। यहां उन्होंने किसानों और पशुपालकों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और समाधान का भरोसा दिया।

खेती को लाभ का जरिया बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को समृद्ध बनाना है। सरकार चाहती है कि किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक और लाभप्रद तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएं।

इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में ग्राम विकास रथों का संचालन किया जा रहा है। ये रथ गांवों में जाकर किसानों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब किसान जागरूक होगा, तभी वह विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेगा। इन रथों के माध्यम से किसान योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं।

जैविक खेती और 30 हजार की प्रोत्साहन राशि

भजनलाल शर्मा ने किसानों से रसायनों का उपयोग छोड़कर जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल भूमि की उर्वरता बढ़ेगी, बल्कि लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।

राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष अनुदान दे रही है। बैलों के माध्यम से पारंपरिक खेती करने वाले किसानों को 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।

यह पहल छोटे और सीमांत किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। इससे वे बिना किसी भारी निवेश के अपनी खेती को फिर से पुनर्जीवित कर सकेंगे और आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

बिजली और पानी: विकास की पहली सीढ़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। इसमें बिजली और पानी की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि ये कृषि के आधार हैं।

यमुना जल समझौता और रामजल सेतु लिंक परियोजना जैसे ऐतिहासिक निर्णयों से आने वाले समय में पानी की किल्लत दूर होगी। साथ ही माही और देवास जैसी परियोजनाओं पर भी काम तेज है।

किसानों की लंबे समय से चली आ रही दिन में बिजली की मांग को सरकार पूरा कर रही है। वर्तमान में 26 जिलों में दिन के समय बिजली दी जा रही है, जो सराहनीय है।

वर्ष 2027 तक यह सुविधा पूरे राजस्थान में लागू कर दी जाएगी। इससे किसानों को रात के समय खेतों में सिंचाई करने की परेशानी से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

दुग्ध उत्पादन और सहकारिता में नए आयाम

राजस्थान दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत पशुपालकों को 5 रुपये प्रति लीटर का सीधा अनुदान मिल रहा है।

"हमारा लक्ष्य है कि गांव का पैसा गांव में ही रहे और किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिले। सहकारिता के माध्यम से हम इस सपने को सच कर रहे हैं।"

सरकार दुग्ध संकलन केंद्रों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी कर रही है। इसके साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर सहकारिता की नई यूनिट्स स्थापित करने की दिशा में कार्य योजना तैयार है।

रोजगार और औद्योगिक निवेश का नया दौर

मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके भविष्य के प्रति गंभीर है। 4 लाख सरकारी नौकरियों के वादे के तहत सवा लाख से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी हैं।

भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है ताकि योग्य युवाओं को उनका हक मिले। सवा लाख नए पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी कर युवाओं को नई ऊर्जा दी गई है।

राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू प्रदेश की औद्योगिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

इनमें से 9 लाख करोड़ रुपये के निवेश का क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। इससे न केवल औद्योगिक विकास होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

पशुपालकों के लिए सुरक्षा कवच

पशुपालकों की आर्थिक सुरक्षा के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत लाखों पशुओं का बीमा किया जा चुका है।

पशुओं के समय पर इलाज के लिए मोबाइल यूनिट वैन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अब पशुपालकों को बीमार पशुओं को अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं, अस्पताल खुद उनके द्वार आएगा।

गेहूं की खरीद पर अतिरिक्त बोनस और बिजली बिलों में भारी छूट देकर सरकार ने किसानों के आर्थिक बोझ को कम किया है। यह किसानों के प्रति सरकार के समर्पण को दर्शाता है।

निष्कर्ष: विकसित राजस्थान की ओर बढ़ते कदम

बांसवाड़ा में आयोजित इस ग्राम विकास चौपाल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकार अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहती है। इन योजनाओं से ग्रामीण राजस्थान की तस्वीर बदलेगी।

मुख्यमंत्री के विजन और प्रभावी निर्णयों से प्रदेश का किसान अब अधिक सशक्त और खुशहाल महसूस कर रहा है। यह विकास यात्रा राजस्थान को देश का सिरमौर राज्य बनाने की दिशा में अग्रसर है।

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