जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को पुष्कर के कड़ैल गांव में आयोजित 'ग्राम विकास चौपाल' में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने किसानों और युवाओं से आत्मीय संवाद कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का मंत्र दिया।
मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक खेती के पुराने तरीकों को छोड़कर अब आधुनिक और जैविक खेती की दिशा में कदम बढ़ाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक और नवाचार ही खेती को लाभदायक बना सकते हैं।
आधुनिक कृषि और पशुपालन से बढ़ेगी आय
सीएम ने कहा कि कृषि, डेयरी और सहकारिता हमारे गांवों की समृद्धि के तीन मुख्य आधार स्तंभ हैं। जब ये तीनों क्षेत्र मजबूत होंगे, तभी राजस्थान का हर गांव आत्मनिर्भर और खुशहाल बन पाएगा।
पशुपालन को उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे दूध उत्पादन में राजस्थान अग्रणी राज्य बन रहा है।
किसानों के लिए वित्तीय सहायता और बोनस
राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए गेहूं की खरीद पर 150 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय लिया है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है।
इसके साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली किसान सम्मान निधि किसानों के लिए खेती की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने का एक बड़ा माध्यम बनी है।
पशुधन सुरक्षा और दुग्ध अनुदान
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 'गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना' और 'मंगला पशु बीमा योजना' के माध्यम से पशुपालकों को सुरक्षा कवच प्रदान किया जा रहा है। अब पशुओं का इलाज उनके द्वार पर संभव है।
पशुओं के उपचार के लिए मोबाइल यूनिट वैन तैनात की गई हैं। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संंबल योजना के तहत पशुपालकों को 5 रुपये प्रति लीटर का सीधा अनुदान दिया जा रहा है, जिससे उनकी आय बढ़ी है।
ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट: नई तकनीक का संगम
किसानों को नई तकनीकों से रूबरू कराने के लिए सरकार 23 से 25 मई तक 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट' का भव्य आयोजन करने जा रही है। यह आयोजन कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने वाला साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मीट में दुनिया भर की आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। हमारे किसान यहां आकर नई मशीनों और बीजों के बारे में जानकारी प्राप्त कर अपनी उपज बढ़ा सकेंगे।
सहकारिता और जल संरक्षण पर जोर
प्रदेश में सहकारिता ढांचे को मजबूत करने के लिए नए ग्राम सेवा सहकारी समितियां (पैक्स) खोली जा रही हैं। इससे किसानों को उनके गांव के पास ही खाद, बीज और ऋण की सुविधा मिल सकेगी।
जल संरक्षण की दिशा में 'कर्मभूमि से मातृभूमि' अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन के लिए युद्ध स्तर पर कार्य हो रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को पानी मिल सके।
सीएम ने सुझाव दिया कि किसान अपनी जमीन पर फलदार वृक्ष लगाएं। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि किसानों को फलों की बिक्री से अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त होगी और हरियाली भी बढ़ेगी।
युवाओं का भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया
भजनलाल शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
"हमारी सरकार पारदर्शी भर्ती परीक्षाएं आयोजित कर रही है। युवाओं की मेहनत अब बेकार नहीं जाएगी। कड़ैल गांव के 13 युवाओं का सरकारी सेवा में चयन इसका प्रमाण है।"
युवाओं को नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार स्थानीय स्तर पर उद्योग लगाने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवा रही है ताकि पलायन रुक सके।
'राइजिंग राजस्थान' शिखर सम्मेलन के दौरान हुए निवेश समझौतों (MoU) को अब धरातल पर उतारा जा रहा है। इससे प्रदेश के युवाओं को उनके गृह जिले में ही रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
किसानों और लाभार्थियों के अनुभव
चौपाल में किसान गिरधारी ने बताया कि वे जैविक खेती अपनाकर अपनी लागत कम कर चुके हैं। उन्होंने ड्रिप सिंचाई और तारबंदी योजना का लाभ लिया है, जिससे उनकी फसल सुरक्षित और लहलहा रही है।
किसान छोटू सिंह ने कहा कि पानी की कमी के बावजूद उन्होंने फव्वारा सिंचाई अपनाई और आज वे गुलाब की खेती से अच्छी आमदनी कर रहे हैं। उन्होंने किसान सम्मान निधि के लिए आभार जताया।
अजीत सिंह ने सोलर पंप योजना की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सोलर पंप लगने से बिजली का खर्च शून्य हो गया है और वे अब अपनी सुविधा के अनुसार दिन में सिंचाई कर पाते हैं।
सफलता की प्रेरक कहानियां
आरएएस टॉपर कुशल चौधरी ने कहा कि पारदर्शी चयन प्रक्रिया ने राज्य के लाखों युवाओं में नया उत्साह भरा है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत और सरकार की निष्पक्ष नीति को दिया।
मुख्यमंत्री ने कबड्डी खिलाड़ी विजय सिंह को पदक जीतने पर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि खेल सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण प्रतिभाएं अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमक रही हैं और नाम रोशन कर रही हैं।
निष्कर्ष: गांवों के सर्वांगीण विकास का संकल्प
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंत में कहा कि गांवों के हर वर्ग का विकास ही सरकार की प्राथमिकता है। प्याज भंडारण के लिए दिए जा रहे अनुदान से किसानों को फसल की अच्छी कीमत मिलेगी।
कार्यक्रम के बाद सीएम ने कड़ैल निवासी लादू मेघवाल के घर जमीन पर बैठकर भोजन किया। यह सादगीपूर्ण व्यवहार दर्शाता है कि सरकार आम आदमी के दुख-दर्द को समझने और उसे दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह दौरा ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंच रहा है, जिससे प्रदेश में खुशहाली और समृद्धि का नया सवेरा आएगा।
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