राजनीति

विपक्ष ने नारी शक्ति का किया अपमान: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विपक्ष पर बड़ा हमला: 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को रोककर कांग्रेस ने माताओं-बहनों के अरमानों पर फेरा पानी

प्रदीप बीदावत · 20 अप्रैल 2026, 08:06 सुबह
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते महिला आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों को रोक दिया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय बताया और कहा कि नारी शक्ति इस विश्वासघात का जवाब देगी।

जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों के रवैये पर जमकर प्रहार किया।

विपक्ष की ओछी राजनीति पर प्रहार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विपक्ष की ओछी राजनीति के चलते आज देश की करोड़ों माताओं और बहनों के अरमानों पर पानी फिर गया है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को महिला विरोधी करार दिया।

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी महिला शक्ति को संसद और विधान सभाओं में उचित प्रतिनिधित्‍व देने के लिए ऐतिहासिक विधेयक लाए थे। लेकिन कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसे दलों ने इसका समर्थन नहीं किया।

इन दलों ने विधेयकों का विरोध करके महिलाओं की आकांक्षाओं और अधिकारों के प्रति अपनी गहरी उदासीनता को पूरी दुनिया के सामने जगजाहिर कर दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस पूरे घटनाक्रम को भारतीय लोकतंत्र का एक काला पृष्ठ बना दिया है।

महिला सशक्तिकरण और विपक्ष का दोहरा चेहरा

प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर और उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी भी मौजूद रहीं। अन्य नेताओं में भाजपा उपाध्यक्ष डॉ अलका मूंदडा और सांसद मंजू शर्मा भी शामिल थीं।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि लोकसभा में कांग्रेस एवं इसके सहयोगी दलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर देश की आधी आबादी का घोर अपमान किया है। यह किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है।

सबसे शर्मनाक बात यह रही कि इस अधिनियम को रोकने के बाद विपक्षी दलों ने सदन में जीत का जश्न मनाया। सीएम ने इसे लोकतंत्र के इतिहास का सबसे शर्मनाक पल बताया।

उन्होंने कहा कि यह जश्न विपक्षी दलों के उस असली चेहरे को उजागर करता है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ है। विपक्ष के लिए नारी शक्ति केवल एक चुनावी नारा है, उनकी नीयत कभी साफ नहीं रही।

राहुल गांधी और क्षेत्रीय भ्रम पर निशाना

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे इतने गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदारी से बोलने के बजाय हल्की स्तर की टिप्पणी करते नजर आए। राहुल गांधी का यह व्यवहार उनकी अपरिपक्वता को दर्शाता है।सीएम ने ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो खुद को महिलाओं का हितैषी बताते हैं, उन्होंने ही संसद में महिला अधिकारों के खिलाफ रुख अपनाया।

विपक्ष ने ओबीसी महिला, परिसीमन और दक्षिण भारत के नाम पर जमकर भ्रम फैलाया। उनका उद्देश्य केवल क्षेत्रीय भावनाओं को भड़काना और मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाना था।

सच्चाई यह है कि सीटों की संख्या बढ़ने पर सभी राज्यों को समुचित प्रतिनिधित्व मिलता। लेकिन विपक्ष ने विकास और न्याय की इस प्रक्रिया में जानबूझकर बाधा उत्पन्न की है।

कांग्रेस का महिला विरोधी इतिहास

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के इतिहास को याद दिलाते हुए कहा कि इन्होंने हमेशा नारी सम्मान का केवल ढोंग किया है। जब भी अधिकारों को धरातल पर उतारने का समय आया, कांग्रेस पीछे हट गई।

शाहबानो केस से लेकर तीन तलाक जैसे मुद्दों तक, कांग्रेस का रुख हमेशा महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ रहा है। उन्होंने महिलाओं को केवल एक वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद महिलाओं को कभी संवैधानिक मजबूती नहीं दी। उनकी पुरानी रणनीति हमेशा मामलों को ठंडे बस्ते में डालने की रही है।

विपक्ष ने साबित कर दिया है कि उनके लिए राष्ट्रहित से ऊपर राजनीतिक स्वार्थ है। उन्होंने सीएए का विरोध किया और सेना का अपमान किया, अब वे नारी शक्ति के विरुद्ध खड़े हैं।

मोदी सरकार का संकल्प और उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि मोदी जी के लिए मातृशक्ति सबसे महत्वपूर्ण 'जाति' है। उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समर्थन की अपील की थी।

गृहमंत्री और संसदीय कार्य मंत्री ने भी सभी सदस्यों से इस विधेयक का समर्थन करने का आग्रह किया था। लेकिन विपक्ष हमेशा की तरह विकास के विरोध में खड़ा रहा।मोदी जी का सपना है कि विधानसभा से लेकर संसद तक हमारी मातृशक्ति का नेतृत्व हो। 'नारी शक्ति वंदन' केवल एक बिल नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प का आधार है।

सीएम ने उज्ज्वला योजना, जन-धन खाते, और लखपति दीदी जैसी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है।

केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर का संबोधन

केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को पूजनीय माना गया है। मोदी सरकार ने हर योजना के केंद्र में महिलाओं को रखा है।

उन्होंने बताया कि 2014 के बाद स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए। 90 लाख बचत समूहों से आज 10 करोड़ महिलाएं जुड़ चुकी हैं।

सावित्री ठाकुर ने विपक्ष के जश्न मनाने की घटना को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को निराश करने के बाद विपक्ष अब देश में अधिक समय तक राजनीति नहीं कर पाएगा।

उन्होंने परिसीमन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी के लिए परिसीमन जरूरी है और इससे किसी भी राज्य की सीटों को नुकसान नहीं होगा।

जनता देगी जवाब

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देश की माताओं-बहनों को भरोसा दिलाया कि एनडीए सरकार इस लड़ाई को और अधिक मजबूती से जारी रखेगी। मोदी सरकार न रुकेगी और न ही झुकेगी।

उन्होंने चेतावनी दी कि जो काम विपक्ष ने रोका है, उसे भाजपा जनता के आशीर्वाद से पूरा करेगी। अब देश की जनता स्वयं इन दलों से उनकी कथनी और करनी का हिसाब मांगेगी।

मातृशक्ति आने वाले चुनावों में इन महिला-विरोधी दलों को कड़ा सबक सिखाएगी। भाजपा इस विश्वासघात को जन-जन तक ले जाएगी और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेगी।

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