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Nagaur: CM भजनलाल ने खेत में सुनी समस्याएं, शहीद के घर किया भोजन

बलजीत सिंह शेखावत · 18 जुलाई 2026, 11:20 दोपहर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नागौर के तिलानेश गांव का दौरा किया। उन्होंने खेत में काम कर रही महिलाओं और अन्य ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। सीएम ने शहीद मोडाराम खटकड़ के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

नागौर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार रात को ग्राम विकास चौपाल के बाद शनिवार सुबह नागौर के तिलानेश गांव का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को सुना।

खेत में महिलाओं से सीएम का सीधा संवाद

अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री खेत में निराई कर रही महिलाओं के पास पहुंचे। उन्होंने महिलाओं से खेती-किसानी और उनके दैनिक जीवन से जुड़े अनुभव पूछे।

महिलाओं ने मुख्यमंत्री को अपनी अनूठी कार्यशैली के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वे एक-दूसरे के सहयोग से खेतों में काम करती हैं, जिससे काम जल्दी पूरा होता है और आपसी प्रेम बना रहता है।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं की इस सामूहिक कार्य संस्कृति की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण एकता का एक बेहतरीन उदाहरण बताया।

ग्रामीणों की समस्याएं और तत्काल निर्देश

भ्रमण के दौरान एक महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि गांव का गंदा पानी उसके घर के सामने जमा हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी निकासी का कोई रास्ता नहीं होने के कारण यह समस्या है।

इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए निर्देश दिए और जल्द निराकरण का आश्वासन दिया।

जब बुजुर्ग ने सीएम से कहा- 'हम तो आपके कबूतर हैं'

गांव में एक बुजुर्ग ने मुख्यमंत्री के सामने अपना दुख साझा करते हुए बताया कि उनके बेटे और पत्नी का निधन हो चुका है और वे अकेले रहते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनकी हर संभव सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बुजुर्ग ने भावुक होकर मुख्यमंत्री से कहा, "हम तो आपके कबूतर हैं।" इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मैं आपके दर्शन करने आया हूं।"

मुख्यमंत्री के इस आत्मीय जवाब से वहां मौजूद सभी ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे और माहौल खुशनुमा हो गया।

शहीद के घर पहुंचे सीएम भजनलाल शर्मा

ग्राम विकास चौपाल के बाद, सीएम भजनलाल शर्मा अमर शहीद ग्रेनेडियर मोडाराम खटकड़ के आवास पर पहुंचे। उन्होंने शहीद की स्मृतियों को नमन किया और उनके परिजनों के साथ भोजन किया।

ग्रेनेडियर मोडाराम खटकड़ 1965 के भारत-पाक युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे।

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