जयपुर | राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की प्रतिष्ठित सीनियर कॉल्विन शील्ड क्रिकेट प्रतियोगिता शनिवार, 25 मई से शुरू होने जा रही है। हालांकि, इस बड़े टूर्नामेंट के आगाज से पहले सिलेक्शन कमेटी को लेकर बना सस्पेंस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
खिलाड़ियों के भविष्य पर मंडराता संकट
खिलाड़ियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर उनके प्रदर्शन को कौन परखेगा? बिना आधिकारिक चयनकर्ताओं के भविष्य में राजस्थान टीम या कैंप के लिए चयन का आधार क्या होगा, यह फिलहाल पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।कॉल्विन शील्ड राजस्थान क्रिकेट का सबसे महत्वपूर्ण घरेलू टूर्नामेंट माना जाता है। यहीं से प्रतिभावान खिलाड़ियों को राज्य की मुख्य टीम और अन्य बड़े राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में खेलने का सुनहरा मौका मिलता है।इस बार टूर्नामेंट की शुरुआत तक भी सिलेक्शन कमेटी के नामों की घोषणा न होना, खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के बीच भारी असमंजस की स्थिति पैदा कर रहा है। इससे क्रिकेट जगत में कई चर्चाएं हैं।
RCA एडहॉक कमेटी का पक्ष
विवादों के बीच RCA एडहॉक कमेटी के कन्वीनर मोहित यादव ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। उन्होंने दावा किया है कि चयन कमेटी का गठन पहले ही किया जा चुका है और प्रक्रिया पूरी है।"राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन एडहॉक कमेटी ने सिलेक्शन कमेटी का गठन कर लिया है। जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा भी की जा सकती है।"हालांकि, टूर्नामेंट शुरू होने के चंद घंटों पहले तक नामों को गोपनीय रखना कई सवाल खड़े करता है। क्रिकेट जानकारों का कहना है कि पारदर्शिता की कमी खेल भावना और संस्था की साख को प्रभावित करती है।
पहले चरण के मुकाबलों का शेड्यूल
टूर्नामेंट के पहले चरण में जयपुर में इलीट ग्रुप-ए और जोधपुर में प्लेट ग्रुप-ए के मुकाबले खेले जाएंगे। जयपुर के जीआर ग्राउंड पर भीलवाड़ा और जयपुर की टीमें आमने-सामने होंगी।वहीं, सीकर और राजसमंद की भिड़ंत अनंतम ग्राउंड पर होगी। हनुमानगढ़ और झालावाड़ के बीच मैच टेलर ग्राउंड पर खेला जाएगा, जहां युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाने को बेताब हैं।जोधपुर के मैदानों पर भी रोमांच कम नहीं होगा। वहां चित्तौड़गढ़ और अलवर की टीमें एंजेल ग्राउंड पर मुकाबला करेंगी। टोंक और बाड़मेर की टीमें रिपब्लिक ग्राउंड पर अपना दमखम दिखाएंगी।
पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल
राजस्थान क्रिकेट से जुड़े विशेषज्ञों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर का टूर्नामेंट बिना सिलेक्टर्स की घोषणा के हो रहा है।यह न केवल RCA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि उन खिलाड़ियों की मेहनत को भी दांव पर लगाता है जो सालों से राज्य का प्रतिनिधित्व करने का सपना देख रहे हैं।क्रिकेट सूत्रों के अनुसार, बिना स्पष्ट चयन प्रक्रिया और सिलेक्टर्स की भौतिक मौजूदगी के प्रदर्शन का सटीक मूल्यांकन करना असंभव है। इससे खिलाड़ियों के मनोबल पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।
अभिभावकों और युवाओं की चिंता
युवा खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके अभिभावक भी परेशान हैं। वे चाहते हैं कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो। अब सबकी नजरें RCA एडहॉक कमेटी के अगले कदम पर टिकी हैं।उम्मीद है कि टूर्नामेंट के पहले मैच की पहली गेंद फिंकने से पहले सिलेक्शन कमेटी के नाम सार्वजनिक कर दिए जाएंगे। इससे खिलाड़ियों का भ्रम दूर होगा और वे खेल पर ध्यान दे पाएंगे।कॉल्विन शील्ड राजस्थान क्रिकेट की रीढ़ है। यदि इसकी चयन प्रक्रिया ही संदेह के घेरे में रहेगी, तो राज्य की क्रिकेट प्रतिभाओं का भविष्य अंधकारमय हो सकता है। RCA को जल्द ही इस गतिरोध को सुलझाना होगा।
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