जालोर |भाजपा नगर मंडल की बैठक के दौरान जालोर विधायक एवं मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग द्वारा कांग्रेस को लेकर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणियों का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने बुधवार को पलटवार किया है। कांग्रेस ने विधायक की भाषा पर सवाल उठाते हुए उनसे सार्वजनिक स्पष्टीकरण और विकास के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी है।
कांग्रेस ने दी खुली बहस की चुनौती
राजीव गांधी भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस प्रवक्ता योगेंद्र सिंह कुम्पावत ने कहा कि जोगेश्वर गर्ग एक वरिष्ठ नेता हैं और उनसे इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जाती है।
उन्होंने कहा, “यदि वरिष्ठ नेता ही अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करेंगे तो कार्यकर्ताओं एवं युवा पीढ़ी को क्या संदेश जाएगा।” कुम्पावत ने यह भी मांग की कि विधायक गर्ग को अपने बयान पर खेद व्यक्त करना चाहिए।
विकास के कार्यों का हिसाब मांगा
कुम्पावत ने विधायक को चुनौती देते हुए कहा कि वे पिछले ढाई वर्षों में जालोर के विकास के लिए किए गए कार्यों का जनता के सामने हिसाब प्रस्तुत करें।
“पिछले ढाई वर्षों में जालोर के लिए ऐसा कौन-सा बड़ा कार्य हुआ है, जिसे विधायक गर्ग जनता के सामने उपलब्धि के रूप में गिना सकें—इस पर वे सार्वजनिक बहस करें। कांग्रेस इस बहस के लिए तैयार है।”
उन्होंने कहा कि अगर विधायक गर्ग सार्वजनिक मंच पर खुली बहस करना चाहते हैं तो कांग्रेस इसके लिए पूरी तरह से तैयार है।
शहर की समस्याओं पर घेरा
कांग्रेस प्रवक्ता ने जालोर की मूलभूत समस्याओं की जिम्मेदारी से भाजपा के बचने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद, पंचायत समिति, जिला प्रमुख, विधायक और सांसद सभी भाजपा के हैं।
कुम्पावत ने जालोर शहर की विभिन्न समस्याओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शहर की कई सड़कें बदहाल हैं, सीवरेज व्यवस्था से आमजन परेशान है और पेयजल की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है।
उन्होंने बताया कि लोगों को मजबूरी में टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। गर्मी और बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति को लेकर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कुम्पावत ने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों के अधिकारी आम जनता के फोन तक नहीं उठाते। उन्होंने विधायक को सलाह दी कि वे राजनीतिक बैठकों में अमर्यादित बयानबाजी करने के बजाय इन जनसमस्याओं पर ध्यान दें।
महिला सम्मान और पुराने वादों पर सवाल
प्रेस वार्ता में आहोर कांग्रेस प्रत्याशी सरोज चौधरी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने सवाल किया कि क्या एक महिला जनप्रतिनिधि को राजनीतिक रूप से निशाना बनाते हुए इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करना उचित है, जबकि उनके पैर में फ्रैक्चर था।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन महिलाओं के प्रति सम्मान और मर्यादा बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
पुराने वादे याद दिलाए
निवर्तमान नेता प्रतिपक्ष बसंत सुथार ने कहा कि भाजपा के पूर्व सभापति गोविंद टांक को भी पार्टी नेतृत्व द्वारा उचित सम्मान नहीं दिया गया।
सुथार ने जोगेश्वर गर्ग के उस कथित वादे का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अस्पताल में वेंटिलेटर नहीं लगने पर आत्मदाह करने की बात कही थी। उन्होंने पूछा कि आज प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार होने के बावजूद अस्पताल में वेंटिलेटर की स्थिति क्या है, इसका जवाब विधायक को देना चाहिए।
विकास के मुद्दे पर होंगे चुनाव
निवर्तमान पार्षद लक्ष्मण सांखला ने कहा कि 1990 के बाद जालोर विधानसभा क्षेत्र में ज्यादातर समय भाजपा का विधायक रहा है, इसलिए भाजपा को विकास का हिसाब जनता को देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान स्वीकृत और शुरू किए गए विकास कार्यों में भी बाधाएं डाली गईं। उन्होंने नगर परिषद में सामने आए कथित भ्रष्टाचार के मामलों पर भी विधायक से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि आगामी नगर निकाय चुनाव व्यक्तिगत बयानबाजी के बजाय जालोर के विकास, मूलभूत सुविधाओं, पेयजल, सड़क, सीवरेज, बिजली और नगर परिषद की कार्यप्रणाली जैसे वास्तविक जनमुद्दों पर लड़े जाएंगे।
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