जयपुर | राजस्थान में नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। प्रदेश कांग्रेस आगामी 21 मई को जयपुर में भाजपा प्रदेश मुख्यालय का घेराव करेगी। यह प्रदर्शन परीक्षा में धांधली और भाजपा नेताओं की कथित संलिप्तता के विरोध में आयोजित किया जा रहा है।
पेपर लीक और भाजपा की संलिप्तता का आरोप
प्रदेश कांग्रेस महासचिव स्वर्णिम चतुर्वेदी ने सोमवार को प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट-यूजी 2026 का पेपर लीक होना लाखों छात्रों के भविष्य के साथ क्रूर मजाक है।
कांग्रेस का दावा है कि इस पूरे मामले में भाजपा नेताओं की संलिप्तता के प्रमाण मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पिछली परीक्षाओं के पेपर भी खरीदकर लीक करवाए थे।
एनटीए और केंद्र सरकार पर साधा निशाना
चतुर्वेदी ने कहा कि पेपर लीक की इन गंभीर घटनाओं के लिए केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पूरी तरह जिम्मेदार हैं। उन्होंने एनटीए को तुरंत भंग करने की मांग की है।
कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी पुरजोर मांग की है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है।
नीट परीक्षा का पेपर लीक होना देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसके लिए केंद्र सरकार और एनटीए पूरी तरह जिम्मेदार हैं और हम चुप नहीं बैठेंगे।
परीक्षाएं निरस्त होने की लंबी सूची
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। भाजपा सरकार ने अब तक किसी भी बड़े जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं की है।
राजस्थान में भाजपा सरकार पर भी हमला करते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि पेपर लीक की जानकारी होने के बावजूद मामले को लंबे समय तक दबाकर रखा गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने समय पर प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की, जिससे छात्रों के हितों को नुकसान पहुंचा है। यह स्थिति लाखों युवाओं के सपनों पर कुठाराघात के समान है।
पार्टी का कहना है कि एनटीए की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता का अभाव है। बार-बार होने वाली गड़बड़ियों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा और तैयारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में 21 मई को सुबह 11 बजे भाजपा मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। इससे पहले सभी कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय पर एकत्रित होंगे।
वहां से एक विशाल जुलूस निकाला जाएगा जो शहीद स्मारक होते हुए भाजपा मुख्यालय पहुंचेगा। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और प्रभावित छात्रों के जुटने का दावा किया है।
कांग्रेस का यह कदम आगामी चुनावों और युवा मतदाताओं को साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पेपर लीक का मुद्दा राजस्थान की राजनीति में हमेशा से ही काफी संवेदनशील रहा है।
अब देखना यह होगा कि इस विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार और एनटीए क्या कदम उठाती है। छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ पर पूरे प्रदेश की जनता की नजरें टिकी हैं।
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