करणी सेना प्रदर्शन: लाठीचार्ज पर कांग्रेस का भाजपा पर तीखा हमला
जयपुर | राजधानी जयपुर में सोमवार को श्री राजपूत करणी सेना के एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
भंवर जितेंद्र सिंह ने कार्रवाई को बताया अलोकतांत्रिक
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
सिंह ने लिखा, "शांतिपूर्ण रैली निकाल रहे श्री राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओं और आमजन पर पुलिस का लाठीचार्ज बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।"
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इस दौरान माताओं-बहनों और बुजुर्गों पर भी वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
भाजपा पर समाज को लड़ाने का आरोप
भंवर जितेंद्र सिंह ने भाजपा सरकार पर जनभावनाओं को भड़काने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग की विरोधी बनकर काम कर रही है।
उनके अनुसार, भाजपा समाजों को आपस में लड़ाने और लोगों के बीच द्वेष फैलाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने देशवासियों से इस तरह की राजनीति का एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया।
धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने भी उठाए सवाल
राजस्थान पर्यटन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस नेता धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने भी इस घटना पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे श्री राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओं और आमजन पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज तथा वॉटर कैनन का प्रयोग बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।"
'सरकार जन आवाज दबा रही है'
राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार इस अधिकार का सम्मान करने के बजाय बल प्रयोग कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं पर बल प्रयोग करना भाजपा सरकार की असहिष्णु और जनविरोधी सोच को दर्शाता है। राठौड़ के मुताबिक, भाजपा सरकार हर जन आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
संवाद से समाधान की अपील
धर्मेंद्र राठौड़ ने सरकार को सलाह देते हुए कहा कि संवाद और समाधान की जगह दमन की नीति अपनाना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार को शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि सरकार को अहंकार छोड़कर समाज के प्रतिनिधियों से सम्मानपूर्वक बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों का न्यायपूर्ण समाधान निकालना चाहिए।
प्रदर्शनकारी की मौत से बढ़ा तनाव
इस बीच, प्रदर्शन में शामिल देवराज सिंह नामक एक व्यक्ति की मौत हो जाने से मामला और भी गंभीर हो गया है। इस घटना के बाद तनाव बढ़ गया है।
श्री राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने देवराज सिंह के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है।