जालोर के सितारे: सांचौर के दांतिया निवासी डॉ. रघुवीर सिंह को क्रिकेट खिलाडी ब्रेट-ली ने दिया अवार्ड

सांचौर के दांतिया निवासी डॉ. रघुवीर सिंह को क्रिकेट खिलाडी ब्रेट-ली ने दिया अवार्ड
डॉ. रघुवीर सिंह को क्रिकेट खिलाडी ब्रेट-ली ने दिया अवार्ड
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Highlights

  • रघुवीर साधारण परिवार में पैदा हुए युवा हैं, जिन्होंने सामान्य तरीके से हिन्दी माध्यम से पढ़ाई करते हुए कई अवार्ड और सम्मान हासिल किए हैं।
  • 6 वर्षीय रघुवीरसिंह ने पांच महीनों के एक प्रोजेक्ट पर गैबोन में करीब दो लाख लोगों की आई स्क्रीनिंग करने के बाद तीन हजार ऑपरेशन कर लोगों के जीवन में रोशनी भर चुके हैं।
मुम्बई । Time Cyber media द्वारा आयोजित इंटरनेशनल हेल्थ केयर अवार्ड 2024, डॉ. रघुवीर सिंह दांतिया को उनके द्वारा किए गए केरेटोकोन्स एवं इरेगुलर कार्निया केयर के लिए मुंबई में आयोजित हुए इस कॉन्फ्रेंस में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट गेंदबाज ब्रेट ली द्वारा सम्मानित किया गया।
रघुवीर साधारण परिवार में पैदा हुए युवा हैं, जिन्होंने सामान्य तरीके से हिन्दी माध्यम से पढ़ाई करते हुए कई अवार्ड और सम्मान हासिल किए हैं।
 
जिले के छोटे से गांव दांतिया निवासी रघुवीरसिंह चौहान अफ्रीका के गैबोन देश में  भी काम कर चुके हैं। 36 वर्षीय रघुवीरसिंह ने पांच महीनों के एक प्रोजेक्ट पर गैबोन में करीब दो लाख लोगों की आई स्क्रीनिंग करने के बाद तीन हजार ऑपरेशन कर लोगों के जीवन में रोशनी भर चुके हैं।
 

इससे पहले रघुवीर दुनिया के कई देशों में ये नेत्र रोगों पर पत्रवाचन भी कर चुके हैं। रघुवीर बताते हैं कि नाम उच्चारण में दिक्कत होने के चलते वे उन्हें प्रिंस नाम से बुलाते हैं। अपनी पढ़ाई के संबंध में वे कहते हैं कि सांचौर के उच्च माध्यमिक विद्यालय से हिंदी माध्यम से पढ़ाई की थी, इसके चलते चुनौतियां बड़ी थी। बारहवीं बमुश्किल प्रथम श्रेणी बनी। 

दिल्ली के ग्लोबल इंस्टीट्यूट से इन्होंने डॉक्टर इन ऑप्टोमैट्री की परीक्षा 87 प्रतिशत अंकों से पास की। बाद में इनका चयन हैदराबाद एलवी प्रसाद संस्थान में हुआ और आंख का पर्दा और काला मोतिया के विषय पर दो वर्ष का फैलोशिप की।
 
प्रेरणा से भर दिया कलाम ने

रघुवीर बताते हैं कि हैदराबाद में एक दिन भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम की आंखें उन्होंने जांची तो उनके व्यवहार ने बहुत प्रभावित किया। उस कर्मशील व्यक्तित्व से मुलाकात के बाद वे प्रेरणा से भर गए।
 
बेस्ट रहा पेपर
 
अहमदाबाद के रघुदीप अस्पताल में काम करते हुए उन्होंने कैरोटोकोनस नामक बीमारी पर शोध किया और जब अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली में पत्रवाचन किया तो उन्हें खूब दाद मिली। उनका यह पत्र सर्वश्रेष्ठ चुना गया। बाद में उन्हें शिकागो में विश्व ऑप्टोमैट्री कान्फ्रेंस में भी पत्रवाचन किया।
 
अंधता मुक्त का सपना
 
रघुवीर सांचौर/जालोर में अंधता मुक्ति का सपना मन में रखते हैं। वे बताते हैं कि सांचौर/जालोर स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से खूब पिछड़ा है। ऐसे में वे जिले में आंखों के मामले में प्रभावी काम करना चाहते हैं और अंधता मुक्त करना चाहते हैं।
 
मुश्किलें देती है मौका
 
रघुवीर बताते हैं कि मुश्किलें ही व्यक्ति को न केवल नया करने का मौका देती है बल्कि हमारी क्षमताओं को परखने, इस्तेमाल करने और विकसित करने का अवसर भी देती है। अवसरों के साथ मुश्किलें अनायास ही नहीं आती। 
 
ऐसा उनके जीवन में भी हुआ, लेकिन हर बार वे आगे बढ़ते चले गए। जालोर प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़े इसके लिए यहां के युवाओं को इसी तरह प्रयास करने चाहिए।

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