जयपुर |
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर साफ तौर पर दिखने लगा है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी तेजी आई, जिससे यह 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया।
इस अप्रत्याशित उछाल ने भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए चिंता बढ़ा दी है। आशंका जताई जा रही है कि अगर यह तेजी जारी रही तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली।
ब्रेंट क्रूड 2.69 डॉलर, यानी लगभग 4 फीसदी बढ़कर 90.79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह 11 जून के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
पिछले सप्ताह भी ब्रेंट में 15.9 फीसदी की बड़ी तेजी दर्ज की गई थी, जो अप्रैल के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त थी।
वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 2.19 डॉलर यानी 2.65 फीसदी चढ़कर 84.68 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। यह भी 12 जून के बाद का उच्चतम स्तर है।
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें
कच्चे तेल में आई इस तेजी ने एक बार फिर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
हालांकि, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत देते हुए कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। देश में ईंधन के दाम 25 मई के बाद से स्थिर बने हुए हैं।
20 जुलाई 2026 को प्रमुख शहरों में दाम
विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं:
- दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12/लीटर, डीजल ₹95.20/लीटर
- मुंबई: पेट्रोल ₹111.21/लीटर, डीजल ₹97.83/लीटर
- कोलकाता: पेट्रोल ₹113.51/लीटर, डीजल ₹99.82/लीटर
- चेन्नई: पेट्रोल ₹107.76/लीटर, डीजल ₹99.55/लीटर
- जयपुर: पेट्रोल ₹112.76/लीटर, डीजल ₹97.75/लीटर
- बेंगलुरु: पेट्रोल ₹111.68/लीटर, डीजल ₹99.56/लीटर
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
कीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है।
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने होर्मुज के असुरक्षित रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे चार जहाजों को रोका।
चेतावनी के बावजूद आगे बढ़ने पर दो जहाज दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जबकि दो अन्य वापस लौट गए। होर्मुज स्ट्रेट तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है और यहां किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक बाजार को प्रभावित करती है।
इसके अलावा, पिछले सप्ताह में दोनों देशों के बीच संघर्ष सैन्य ठिकानों से बढ़कर पुलों, बिजली सुविधाओं और बंदरगाहों तक पहुंच गया है।
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्प ने भी बताया कि शनिवार को हुए एक ईरानी हमले में उसकी एक तेल सुविधा को भारी नुकसान पहुंचा है।
वैश्विक भंडार में कमी
जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी के अनुसार, चीन को छोड़कर दुनिया में कच्चे तेल का भंडार रिकॉर्ड निचले स्तर पर है।
ऐसे में अगर होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई में कोई बड़ी रुकावट आती है, तो बाजार के पास इससे निपटने के लिए बहुत कम विकल्प बचेंगे, जिससे कीमतों में और भी तेजी आ सकती है।
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