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कच्चे तेल में 4% की आग, क्या बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 13 जुलाई 2026, 10:23 दोपहर
अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल में 4% का उछाल। भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं। अपने शहर के नए रेट्स यहां चेक करें।

कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल

सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़त दर्ज की गई, जिससे तेल बाजार की चिंता बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से शुरू हुए सैन्य तनाव के कारण क्रूड ऑयल के दाम 4 फीसदी तक चढ़ गए।

इस तनाव ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को प्रभावित किया है, जिससे सप्लाई बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है।

ब्रेंट और WTI क्रूड के दाम

सोमवार सुबह 8 बजे ब्रेंट क्रूड 4.14 फीसदी की बढ़त के साथ 79.16 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अमेरिकी क्रूड (WTI) भी 4.19 फीसदी की बढ़त के साथ 74.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

क्यों बढ़ रहे हैं क्रूड ऑयल के दाम?

कीमतों में इस उछाल का सीधा संबंध भू-राजनीतिक तनाव से है। अमेरिका और ईरान के अलग-अलग दावों ने बाजार की चिंता को और बढ़ा दिया है।

अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य तनाव

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने रविवार को एक सप्ताह के भीतर चौथी बार सैन्य कार्रवाई की। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई साइप्रस के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज पर ईरान के हमले के जवाब में की गई थी।

वहीं, सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने फिर से व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान की एक क्रूज मिसाइल और एक ड्रोन को रास्ते में ही रोक दिया।

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर असर

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, भारत में फिलहाल राहत की बात है। देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 13 जुलाई को भी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। कीमतें 25 मई के बाद से ही स्थिर हैं।

प्रमुख भारतीय शहरों में 13 जुलाई के दाम

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12, डीजल ₹95.20

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.51, डीजल ₹99.82

मुंबई: पेट्रोल ₹111.21, डीजल ₹97.83

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.76, डीजल ₹99.55

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.97, डीजल ₹95.64

नोएडा: पेट्रोल ₹101.96, डीजल ₹95.44

तेल सप्लाई को लेकर बढ़ी चिंता

हालिया तनाव के कारण तेल बाजार में फिर से भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ गया है। इससे पहले, एक अस्थायी शांति समझौते के बाद यह उम्मीद बनी थी कि होर्मुज से तेल की सप्लाई बढ़ेगी।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने भी चेतावनी दी है कि अगर यह तनाव लंबा खिंचता है तो इस साल वैश्विक तेल भंडार बढ़ाने की कोशिशें प्रभावित हो सकती हैं।

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