नई दिल्ली | वैश्विक ऊर्जा बाजार में सोमवार को भारी उथल-पुथल देखने को मिली। ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही रोकने के फैसले से कच्चे तेल की कीमतों में 6 फीसदी की तेजी आई है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस का एक तिहाई हिस्सा गुजरता है, जिस पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
क्रूड ऑयल की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी
सोमवार सुबह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 6.18 प्रतिशत उछलकर 89.03 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह वैश्विक बाजार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि सप्लाई चेन बाधित हो गई है।
वहीं अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड भी 5.50 प्रतिशत की छलांग लगाकर 95.35 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। पिछले शुक्रवार को कीमतें निचले स्तर पर थीं, लेकिन शनिवार की घोषणा ने सब बदल दिया।
ईरान और अमेरिका में बढ़ता टकराव
ईरान ने अमेरिका पर 'भरोसे के उल्लंघन' का आरोप लगाया है। इसके बाद ईरानी गनबोट्स ने होर्मुज से गुजरने वाले टैंकरों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। अमेरिकी नौसेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए एक ईरानी झंडे वाले जहाज 'टूस्का' को कब्जे में ले लिया है, जिसे ईरान ने डकैती करार दिया है।
ट्रैकिंग डेटा के अनुसार रविवार से इस महत्वपूर्ण मार्ग पर जहाजों की आवाजाही पूरी तरह ठप है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि बुधवार तक शांति समझौता नहीं हुआ, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
भारत में ईंधन की स्थिति
वैश्विक तनाव के बावजूद भारतीय शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।
सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 'फ्यूल प्राइस स्टेबलाइजेशन मैकेनिज्म' पर विचार कर रही है। आगामी राज्य चुनावों के कारण सरकार ऑटो फ्यूल की कीमतों को नियंत्रण में रखना चाहती है ताकि आम जनता पर बोझ न पड़े।
- मुंबई में पेट्रोल: 103.50 रुपये प्रति लीटर
- कोलकाता में पेट्रोल: 105.45 रुपये प्रति लीटर
- अहमदाबाद में पेट्रोल: 94.49 रुपये प्रति लीटर
- लखनऊ में पेट्रोल: 95.34 रुपये प्रति लीटर
पटना में पेट्रोल 105.71 रुपये पर स्थिर है। वैश्विक अस्थिरता के बीच भारतीय तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रही हैं ताकि घरेलू बाजार को झटकों से बचाया जा सके।