चेन्नई | चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए आईपीएल 2026 की शुरुआत किसी बुरे सपने से कम नहीं रही है। लगातार दूसरी हार ने पांच बार की चैंपियन टीम के खेमे में हलचल मचा दी है। पंजाब किंग्स के खिलाफ मिली हालिया शिकस्त के बाद मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने टीम की कमियों पर खुलकर बात की है।
नीलामी की रणनीति और गेंदबाजी की विफलता
फ्लेमिंग ने स्वीकार किया कि टीम की गेंदबाजी इकाई उस स्तर पर प्रदर्शन नहीं कर पा रही है जिसकी उनसे अपेक्षा की गई थी। इस सीजन में अब तक सीएसके के गेंदबाजों ने मात्र 30.5 ओवरों में 338 रन लुटा दिए हैं और केवल सात विकेट हासिल किए हैं। यह आंकड़े किसी भी बड़ी टीम के लिए चिंताजनक हैं।
नीलामी के दौरान टीम की पसंद पर सवाल उठाए जाने पर फ्लेमिंग ने कहा कि उन्होंने हर पहलू पर विचार किया था। उन्होंने बताया कि लुंगी एनगिडी जैसे गेंदबाजों को टीम में वापस लाने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने अन्य विकल्पों की ओर देखना बेहतर समझा। हालांकि, वे जिन खिलाड़ियों के पीछे गए, उन्हें हासिल नहीं कर सके।
सीएसके ने नीलामी में बेन ड्वार्शिस और जेसन होल्डर को टीम में शामिल करने के लिए पूरी कोशिश की थी, लेकिन वे उन्हें खरीदने में असफल रहे। इसके अलावा, गेराल्ड कोएत्ज़ी को भी टीम में नहीं लाया जा सका। नाथन एलिस के घायल होने के बाद स्पेंसर जॉनसन को टीम में शामिल किया गया है, लेकिन वे अभी तक टीम से नहीं जुड़ पाए हैं।
मैच का टर्निंग पॉइंट और गायकवाड़ की राय
पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में सीएसके ने 210 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। कप्तान रुतुराज गायकवाड़ को भरोसा था कि यह स्कोर जीत के लिए पर्याप्त होगा। गायकवाड़ ने मैच के बाद कहा कि 13वें ओवर तक खेल बराबरी पर था, लेकिन कुछ खराब गेंदों ने दबाव हटा दिया।
गायकवाड़ ने बताया कि जब रन रेट 11 प्रति ओवर तक पहुंच गया था, तब उन्हें लगा था कि एक-दो अच्छे ओवर मैच का पासा पलट सकते हैं। लेकिन पंजाब के बल्लेबाजों ने लगातार चौके और छक्के जड़कर दबाव को पूरी तरह खत्म कर दिया। स्पिनरों का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।
युजवेंद्र चहल के प्रदर्शन को देखते हुए गायकवाड़ ने राहुल चाहर और नूर अहमद पर भरोसा जताया था। राहुल चाहर को इम्पैक्ट सब के रूप में लाया गया था, लेकिन उन्होंने 4 ओवर में 46 रन दिए। नूर अहमद ने भी 38 रन खर्च किए। इन दोनों स्पिनरों का महंगा साबित होना सीएसके की हार का मुख्य कारण बना।
टी20 क्रिकेट में 'फिनिशर' का अंत
स्टीफन फ्लेमिंग, जो पिछले 16 वर्षों से सीएसके के साथ जुड़े हुए हैं, ने टी20 क्रिकेट के बदलते स्वरूप पर एक चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब क्रिकेट में 'फिनिशर' जैसा कोई शब्द नहीं रह गया है। अब खेल पहली गेंद से ही बहुत तेज गति से खेला जा रहा है।
फ्लेमिंग के अनुसार, अब बल्लेबाज 16वें ओवर तक इंतजार नहीं करते। वे पहली गेंद से ही 10, 11 या 12 की रन रेट बनाए रखने की कोशिश करते हैं। यही कारण है कि अब टीमों के लिए 240 रनों का स्कोर बनाना एक सामान्य लक्ष्य बनता जा रहा है। आक्रामक बल्लेबाजी ने खेल की गतिशीलता को पूरी तरह बदल दिया है।
कोच ने यह भी भरोसा जताया कि सीएसके के पास भी ऐसे खिलाड़ी हैं जो इस तरह का खेल खेल सकते हैं। उन्होंने डेवाल्ड ब्रेविस का जिक्र किया जो अभी बेंच पर हैं। साथ ही उन्होंने एमएस धोनी की चोट पर भी बात की, जो दुनिया के बेहतरीन फिनिशरों में से एक माने जाते हैं।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम और वैश्विक चुनौतियां
सीएसके के संघर्ष का एक बड़ा कारण इम्पैक्ट प्लेयर नियम को भी माना जा रहा है। 2023 में खिताब जीतने के बाद, टीम 2024 में प्लेऑफ से चूक गई और 2025 में अंक तालिका में सबसे नीचे रही। फ्लेमिंग का मानना है कि यह नियम बल्लेबाजी की शक्ति को अधिक बढ़ावा देता है और गेंदबाजों को दबाव में डालता है।
फ्लेमिंग ने यह भी कहा कि दुनिया भर में अन्य टी20 लीगों के उदय ने खिलाड़ियों को अनुबंधित करना कठिन बना दिया है। कई फ्रेंचाइजी अब खिलाड़ियों को कई देशों की लीगों के लिए एक साथ अनुबंधित कर रही हैं। इससे प्रतिभाओं को सुरक्षित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
अंत में फ्लेमिंग ने कहा कि टीम लगातार इस बात पर नजर रख रही है कि खेल किस दिशा में जा रहा है। वे ऐसे खिलाड़ियों को तलाशने की कोशिश कर रहे हैं जो भविष्य के सितारे बन सकें। हालांकि, वर्तमान स्थिति में टीम को अपनी गेंदबाजी और रक्षात्मक रणनीति में बड़े सुधार करने की आवश्यकता है ताकि वे टूर्नामेंट में वापसी कर सकें।