बीकानेर | राजस्थान के चर्म एवं रति रोग विशेषज्ञों की 47वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस 'क्यूटिकॉन राज-2026' का आयोजन बीकानेर के गणेशम रिसॉर्ट में किया गया। इस सम्मेलन में देश भर के प्रतिष्ठित त्वचा रोग विशेषज्ञों ने त्वचा और बालों की देखभाल पर अपने विचार साझा किए।
त्वचा की सुरक्षा और स्वच्छता
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर डॉ. दिनेश माथुर ने कहा कि त्वचा शरीर का सबसे बड़ा अंग है। उन्होंने सिर को ढककर रखने और नियमित हाथ धोने की सलाह दी।
डॉ. माथुर ने त्वचा को मॉइश्चराइज रखने और धूप व धूल से बचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता से कई समस्याओं को टाला जा सकता है।
विशेषज्ञों की राय
जीसीएस मेडिकल कॉलेज के डॉ. नयन पटेल ने स्वच्छता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने रसायनों के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने की चेतावनी दी।
अहमदाबाद मेडिकल कॉलेज की डॉ. बेला शाह ने कहा कि झुर्रियां और काले घेरे तनाव व अनियमित जीवनशैली का परिणाम हो सकते हैं।
एम्स दिल्ली की डॉ. नीतू भारी ने राजस्थान की जलवायु के अनुसार त्वचा की देखभाल करने की सलाह दी।
आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा
सम्मेलन के वैज्ञानिक सत्रों में कई विषयों पर चर्चा हुई। इनमें सोरायसिस, वास्कुलाइटिस, एटोपिक डर्मेटाइटिस और डर्मोस्कोपी शामिल थे।
विशेषज्ञों ने नाखूनों की समस्याओं और बढ़ती उम्र में त्वचा की देखभाल पर भी शोधपत्र प्रस्तुत किए।
पुस्तक विमोचन
कार्यक्रम के दौरान डॉ. दिनेश माथुर द्वारा रचित पुस्तक 'स्किन कम्पास' का विमोचन हुआ। इस आयोजन में डॉ. बीसी घिया, डॉ. आरडी मेहता और डॉ. प्रसून सोनी सहित कई चिकित्सकों ने सहयोग दिया।
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