दौसा | राजस्थान के दौसा जिले के बैजूपाड़ा थाना क्षेत्र के लोटवाड़ा गांव में शनिवार को एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। जमीन विवाद के चलते एक युवक ने पुलिस के सामने ही खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली।
पुलिस की मौजूदगी में आत्मदाह का प्रयास
घटना उस समय हुई जब बैजूपाड़ा थाना पुलिस लोटवाड़ा गांव में एक विवादित जमीन पर चल रहे मकान निर्माण कार्य को रुकवाने पहुंची थी। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद युवक रवि कुमार मीणा और उसके परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि रवि कुमार ने पास में रखा पेट्रोल अपने ऊपर उड़ेल लिया और माचिस जला ली। पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही युवक आग की लपटों में घिर गया।
आग लगते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास किया। युवक को आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल ले जाया गया।
जमीन विवाद और पुलिस की कार्रवाई
बैजूपाड़ा थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम कानून व्यवस्था बनाए रखने और निर्माण कार्य रुकवाने के लिए मौके पर गई थी। उन्होंने बताया कि जिस जमीन पर निर्माण हो रहा था, उसे लेकर विवाद था।
पुलिस के अनुसार, युवक रवि कुमार मीणा के चाचा मानसिंह मीणा ने वह जमीन पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी थी। इसके बावजूद रवि और उसका परिवार वहां अवैध रूप से निर्माण कार्य कर रहे थे।
थाना प्रभारी ने बताया कि उन्होंने निर्माण कर रहे पक्ष से कोर्ट का स्टे ऑर्डर लाने या कानूनी दस्तावेज दिखाने को कहा था। लेकिन कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बजाय युवक ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
परिजनों के आरोप और पुलिस का पक्ष
वहीं, दूसरी ओर घायल युवक रवि कुमार मीणा का कहना है कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन पर मकान बना रहे थे। पुलिस पहले भी कई बार आकर उन्हें परेशान कर चुकी थी और काम रुकवाने का दबाव बना रही थी।
रवि ने आरोप लगाया कि शनिवार सुबह करीब 10 बजे जब पुलिस पहुंची, तो उन्होंने बिना किसी ठोस आधार के काम बंद करने को कहा। इसी मानसिक दबाव और विरोध स्वरूप उसने यह कदम उठाया।
हम अपनी जमीन पर निर्माण कर रहे थे, लेकिन पुलिस बार-बार आकर हमें रोक रही थी। शनिवार को भी जब पुलिस आई तो मेरे पास विरोध का यही रास्ता बचा था।
अस्पताल में भर्ती, स्थिति गंभीर
आग की चपेट में आने से रवि के हाथ, पैर और शरीर का काफी हिस्सा झुलस गया है। डॉक्टरों के अनुसार, युवक करीब 30 प्रतिशत तक जल चुका है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे दौसा जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
जिला अस्पताल के चिकित्सकों की एक टीम लगातार युवक की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन गहरे जख्मों के कारण संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। ग्रामीणों में इस बात को लेकर रोष है कि विवाद का निपटारा शांतिपूर्ण तरीके से क्यों नहीं किया जा सका।
कानूनी पेच और भविष्य की जांच
जमीन विवाद से जुड़े इस मामले में अब पुलिस नए सिरे से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या जमीन की बिक्री में कोई धोखाधड़ी हुई थी या यह केवल पारिवारिक विवाद है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्मदाह के प्रयास के मामले में भी अलग से कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
यह घटना राजस्थान में बढ़ते भूमि विवादों और उनके हिंसक परिणामों की एक गंभीर बानगी पेश करती है। लोटवाड़ा गांव में फिलहाल पुलिस बल तैनात है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
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