दिल्ली | दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 साल की किशोरी से कथित ज्यादती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल आसिफ पहले पुलिस का मुखबिर था।
पुलिस का पूर्व मुखबिर निकला मुख्य आरोपी
पुलिस के मुताबिक, 34 वर्षीय आसिफ सब्जी बेचने का काम करता है। वह पहले इसी इलाके में दिल्ली पुलिस के लिए मुखबिरी कर चुका था।
पुरानी जानकारी मौजूद होने के कारण पुलिस को वारदात के बाद उसकी पहचान करने में काफी मदद मिली। किशोरी द्वारा दी गई जानकारी से उसकी पहचान पुख्ता हुई।
छेड़छाड़ का पुराना रिकॉर्ड
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आसिफ को पहले भी लड़कियों से छेड़छाड़ के आरोप में पकड़ा गया था। हालांकि, उस समय कोई लिखित शिकायत न होने के कारण उसे छोड़ दिया गया था।
डीसीपी विनीत कुमार ने बताया कि पुलिस के पास इलाके के संदिग्धों का रिकॉर्ड रहता है। आसिफ की जानकारी भी इसी रिकॉर्ड का हिस्सा थी।
मुठभेड़ के बाद आरोपी की गिरफ्तारी
वारदात को अंजाम देने के बाद आसिफ ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था। पुलिस ने तकनीकी मदद और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर उसकी तलाश शुरू की।
मंगलवार सुबह उसकी लोकेशन एक डीडीए पार्क में मिली। जब पुलिस टीम ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो उसने गोली चलाने का प्रयास किया।
जवाबी कार्रवाई में लगी गोली
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आसिफ के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया और उसके पास से हथियार भी बरामद किया है।
इस मामले में आसिफ के साथ हेमंत और उसके भाई मुकेश को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।
फर्जी पुलिसकर्मी बनकर दी धमकी
आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर किशोरी और उसके 17 साल के दोस्त को डराया था। उन्होंने पुलिस जैसी भाषा का इस्तेमाल कर कार्रवाई का डर दिखाया।
इसके बाद किशोरी को पार्क के सुनसान हिस्से में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने दोनों को धमकाकर वहां से भगा दिया था।
पीड़ितों ने दिखाई हिम्मत
पार्क से बाहर निकलने के बाद पीड़ितों ने ऑटो से जाते समय पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए जांच शुरू की।
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