भारत

दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: अकासा एयर और स्पाइसजेट के विमान आपस में टकराए, डीजीसीए ने दिए जांच के आदेश

बलजीत सिंह शेखावत · 16 अप्रैल 2026, 05:48 शाम
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार को अकासा एयर और स्पाइसजेट के विमानों के पंख आपस में टकरा गए। गनीमत रही कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ और समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया।

दिल्ली | राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार को एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। यहां दो प्रमुख एयरलाइंस, अकासा एयर और स्पाइसजेट के विमानों की आपस में टक्कर हो गई।

यह घटना उस समय हुई जब ग्राउंड पर विमानों की आवाजाही चल रही थी। जानकारी के अनुसार, अकासा एयर और स्पाइसजेट के विमानों के पंख एक-दूसरे से रगड़ खा गए, जिससे एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया।

कैसे हुई विमानों की टक्कर?

विमानन सूत्रों ने बताया कि एक विमान अपनी तय पार्किंग बे की ओर बढ़ रहा था, जबकि दूसरा विमान टैक्सी कर रहा था। इसी दौरान सुरक्षित दूरी का सही अनुमान न लग पाने के कारण यह हादसा हुआ।

टैक्सीवे पर विमानों की गति धीमी होने की वजह से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। अगर यह टक्कर तेज गति में होती, तो इसके परिणाम अत्यंत गंभीर और जानलेवा हो सकते थे।

यात्रियों की सुरक्षा और अफरा-तफरी

टक्कर के वक्त विमान के अंदर बैठे यात्रियों को एक हल्का झटका महसूस हुआ। इससे यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए घबराहट फैल गई। हालांकि, क्रू मेंबर्स ने तुरंत घोषणा कर स्थिति को संभाला।

एयरपोर्ट अधिकारियों ने आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू करते हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रभावित यात्रियों के लिए एयरलाइंस द्वारा वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की गई ताकि वे गंतव्य तक पहुंच सकें।

डीजीसीए की सख्त कार्रवाई

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। विभाग ने मामले की उच्च स्तरीय और विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि चूक के कारणों का पता चल सके।

जांच टीम यह पता लगाएगी कि क्या यह एटीसी की गलती थी या पायलटों के बीच तालमेल की कमी। फिलहाल दोनों विमानों की उड़ानों पर रोक लगाकर इंजीनियरों द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

एविएशन सेफ्टी पर सवाल

देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे पर ऐसी घटना सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राउंड मूवमेंट के दौरान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का सख्ती से पालन होना अनिवार्य है।

इस घटना के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी अपने ग्राउंड ऑपरेशंस की सुरक्षा समीक्षा कर रही है। भविष्य में ऐसी मानवीय भूलों को रोकने के लिए तकनीक और प्रशिक्षण में सुधार के कड़े कदम उठाए जाएंगे।

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)