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राजीव राय को फटकार: 'ओए-ओए' गाने के विवाद पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, निर्माता राजीव राय को फटकार, कहा- 'चोर' कहना बंद करें

बलजीत सिंह शेखावत · 15 अप्रैल 2026, 04:51 दोपहर
'त्रिदेव' के गाने 'ओए-ओए' के कॉपीराइट विवाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्माता राजीव राय को फटकार लगाई है। कोर्ट ने विपक्षी पार्टियों को 'चोर' कहने पर आपत्ति जताते हुए उन्हें संयम बरतने का निर्देश दिया।

नई दिल्ली | बॉलीवुड की कल्ट क्लासिक फिल्म 'त्रिदेव' के मशहूर गाने 'तिरछी टोपीवाले' (ओए-ओए) के कॉपीराइट को लेकर चल रहा कानूनी विवाद अब और अधिक गहरा गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में फिल्म निर्माता राजीव राय (त्रिमूर्ति फिल्म्स) द्वारा की गई सार्वजनिक बयानबाजी पर कड़ी आपत्ति जताई है।

विवाद की जड़: 'धुरंधर 2' का गाना

यह कानूनी लड़ाई आदित्य धर की हालिया रिलीज फिल्म 'धुरंधर 2' के गाने 'रंग दे लाल - ओये ओये' को लेकर शुरू हुई है। त्रिमूर्ति फिल्म्स का आरोप है कि इस गाने में उनकी फिल्म 'त्रिदेव' के ओरिजिनल ट्रैक का अनधिकृत इस्तेमाल किया गया है, जो सीधे तौर पर कॉपीराइट का उल्लंघन है। उल्लेखनीय है कि 9 अप्रैल को कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी सहमति से मामला सुलझाने के लिए 'मध्यस्थता' का रास्ता अपनाने का सुझाव दिया था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस और 'चोर' संबोधन

अदालत में आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस (B62 Studios) और टी-सीरीज ने आवेदन दाखिल कर बताया कि राजीव राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्हें 'चोर' जैसे शब्दों से संबोधित किया है। टी-सीरीज के वकील अखिल सिब्बल ने दलील दी कि ऐसी बयानबाजी से फिल्म के कारोबार और उनकी प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

हाई कोर्ट की सख्त हिदायत

जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने राजीव राय को फटकार लगाते हुए कहा, 'जब आप न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं, तो सार्वजनिक रूप से संयम बरतना अनिवार्य है। आप उन्हें 'चोर' बुला रहे हैं, जो माहौल को और खराब कर रहा है।'अदालत ने आगे कहा कि अदालती कार्यवाही की एक पवित्रता होती है जिसे हर हाल में बरकरार रखा जाना चाहिए। मध्यस्थता की प्रक्रिया के दौरान इस तरह के आरोप लगाना कानूनी प्रक्रिया के सिद्धांतों के खिलाफ है।

6 मई तक बयानबाजी पर रोक

राजीव राय के वकील ने अदालत को आश्वासन दिया कि उनके मुवक्किल 6 मई तक विपक्षी पार्टियों के खिलाफ प्रेस में कोई बयान नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पिछला बयान केवल 'पीड़ा और आक्रोश' के कारण दिया गया था, लेकिन वे अब पूरी तरह मध्यस्थता के प्रति प्रतिबद्ध हैं।अब सभी की नजरें 6 मई की सुनवाई पर टिकी हैं। तब तक कोर्ट ने दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने और मध्यस्थता के जरिए समाधान खोजने का मौका दिया है ताकि इस प्रतिष्ठित गाने से जुड़े विवाद को सुलझाया जा सके।

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