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एक्सप्रेसवे पर भीषण कार हादसा: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: जयपुर के कारोबारी परिवार के 6 लोग घायल, बच्चे ने बयां किया खौफनाक मंजर

गणपत सिंह मांडोली · 21 अप्रैल 2026, 02:20 दोपहर
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर जयपुर के बिजनेसमैन पुनीत अग्रवाल का परिवार सड़क हादसे का शिकार हो गया। पिकअप को बचाने के प्रयास में उनकी अर्टिगा कार ट्रक में जा घुसी, जिसमें बच्चे समेत 6 लोग घायल हुए हैं।

अलवर | दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे पर मंगलवार की सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। इस हादसे में जयपुर के एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार के छह सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसा इतना भीषण था कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

हादसे की पूरी कहानी और समय

यह दर्दनाक दुर्घटना मंगलवार तड़के करीब 4:30 से 5:00 बजे के बीच हुई। उस समय एक्सप्रेसवे पर कोहरा तो नहीं था, लेकिन अंधेरा होने के कारण दृश्यता कम थी। जयपुर के दादी का फाटक इलाके के रहने वाले बिजनेसमैन पुनीत अग्रवाल (42) अपने परिवार के साथ हरिद्वार घूमने गए थे। वे अपनी अर्टिगा कार से वापस जयपुर लौट रहे थे। जब उनकी कार अलवर जिले के बड़ौदामेव थाना क्षेत्र में पहुंची, तभी अचानक एक पिकअप वाहन उनकी कार के सामने आ गया। पिकअप की रफ्तार काफी तेज थी।

पिकअप को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा

कार चला रहे अमित चौधरी ने बताया कि पिकअप अचानक सामने आई, जिसे बचाने के लिए उन्होंने कार को मोड़ने की कोशिश की। लेकिन इसी दौरान कार का संतुलन बिगड़ गया। असंतुलित कार सीधे आगे चल रहे एक भारी ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का इंजन वाला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। पुलिस का अनुमान है कि पिकअप ड्राइवर को शायद नींद की झपकी आ गई थी। इसी कारण वह गलत तरीके से कार के सामने आ गया और फिर मौके से फरार हो गया।

11 साल के मासूम की आंखों देखा हाल

हादसे के समय कार में सवार 11 साल के बालक लक्ष्य ने जो बताया, उसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। लक्ष्य ने बताया कि टक्कर के बाद सब कुछ अचानक शांत हो गया। लक्ष्य ने रोते हुए बताया कि उसके पापा पुनीत अग्रवाल सड़क पर पड़े तड़प रहे थे। उन्हें सबसे ज्यादा चोटें आई थीं। वह मदद के लिए चिल्ला रहा था लेकिन पिकअप वाले भाग गए। बच्चे के मुताबिक, उसके पिता काफी देर तक दर्द से कराहते रहे। मौके पर मौजूद अन्य राहगीरों ने रुककर उनकी मदद की और पुलिस को सूचना दी।

घायलों की स्थिति और इलाज

हादसे में पुनीत अग्रवाल के अलावा उनकी मां अल्का अग्रवाल (66), पत्नी बबीता अग्रवाल (38) और दो बेटे सौम्य (9) व लक्ष्य (11) घायल हुए हैं। इसके अलावा कार का ड्राइवर अमित चौधरी भी गंभीर रूप से जख्मी हुआ है। सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस की मदद से अलवर के जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, पुनीत अग्रवाल और उनकी मां की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। उन्हें सघन चिकित्सा इकाई (ICU) में रखा गया है।

पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी

बड़ौदामेव थाना प्रभारी मोहन गुर्जर ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को एक्सप्रेसवे से हटवाया ताकि यातायात बाधित न हो। पुलिस ने बताया कि टक्कर मारने के बाद पिकअप और ट्रक दोनों के चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस अब एक्सप्रेसवे पर लगे CCTV कैमरों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया जाएगा। वाहनों के नंबरों के आधार पर उनकी तलाश की जा रही है।

एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसों की वजह

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अपनी रफ्तार के लिए जाना जाता है, लेकिन यही रफ्तार अब लोगों की जान की दुश्मन बन रही है। इस रूट पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे पर 'हाईवे हाइप्नोसिस' एक बड़ी समस्या है। लंबी और सीधी सड़क होने के कारण चालकों को अक्सर नींद आने लगती है। तड़के 3 बजे से 5 बजे का समय सबसे खतरनाक माना जाता है। इस समय शरीर को आराम की जरूरत होती है और ड्राइवर अक्सर झपकी ले लेते हैं, जो जानलेवा साबित होती है।

सुरक्षित सफर के लिए जरूरी सावधानियां

लंबी दूरी की यात्रा करते समय हर दो घंटे में कम से कम 15 मिनट का ब्रेक लेना अनिवार्य है। इससे ड्राइवर की एकाग्रता बनी रहती है। अगर आपको जरा भी नींद महसूस हो, तो वाहन को तुरंत सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर दें। चेहरे पर पानी डालें या थोड़ी देर आराम करें। रात के समय हाई बीम का सही इस्तेमाल करें और आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें। एक्सप्रेसवे पर ओवरटेकिंग के नियमों का सख्ती से पालन करें।

पीड़ित परिवार की मदद को आए राहगीर

हादसे के बाद अलवर पुलिस ने राहगीरों की सराहना की है। कई वाहन चालकों ने अपनी गाड़ी रोककर घायलों को कार से बाहर निकालने में मदद की। बिना समय गंवाए लोगों ने एम्बुलेंस को फोन किया, जिससे घायलों को गोल्डन आवर (हादसे के तुरंत बाद का समय) में अस्पताल पहुंचाया जा सका। जयपुर में रहने वाले अग्रवाल परिवार के अन्य रिश्तेदारों को भी सूचित कर दिया गया है। वे भी अस्पताल पहुंच चुके हैं और परिवार की देखभाल कर रहे हैं।

निष्कर्ष और प्रशासन की अपील

प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन न करें। तेज रफ्तार और लापरवाही न केवल आपके लिए बल्कि दूसरों के लिए भी घातक है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा गार्डों की गश्त बढ़ाने की भी मांग उठ रही है। रात के समय अवैध पार्किंग और गलत दिशा में चलने वाले वाहनों पर नकेल कसना जरूरी है। फिलहाल, पुलिस फरार पिकअप और ट्रक चालक की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है। घायलों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए पूरा शहर दुआएं कर रहा है। इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सड़क पर एक छोटी सी चूक पूरे परिवार को उम्र भर का दर्द दे सकती है। हमेशा सतर्क रहें और सुरक्षित ड्राइव करें।

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