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दिल्ली के लिए नया विभाग: दिल्ली-NCR के विकास के लिए बनेगा नया विभाग, बदलेगी सूरत

बलजीत सिंह शेखावत · 23 मई 2026, 03:46 दोपहर
केंद्र सरकार दिल्ली और एनसीआर के व्यवस्थित विकास के लिए अलग विभाग बनाने पर विचार कर रही है।

नई दिल्ली | केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के लिए आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के भीतर एक अलग विभाग बनाने की तैयारी कर रही है। यह कदम दिल्ली के भविष्य को वैश्विक स्तर पर संवारने के लिए उठाया जा रहा है।

प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार दिल्ली के व्यवस्थित विकास को लेकर अत्यंत गंभीर है। इस नए विभाग का मुख्य फोकस दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर होगा।

वर्तमान में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के भीतर एक 'दिल्ली डिवीजन' कार्यरत है। इस डिवीजन को अब एक पूर्ण और स्वतंत्र विभाग का स्वरूप दिए जाने की योजना है, जिससे कार्यप्रणाली में सुधार होगा।

इस नए विभाग का नेतृत्व सचिव स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा किए जाने की संभावना है। इससे राजधानी से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निपटारे में अभूतपूर्व तेजी आने की उम्मीद है।

मंत्रालय का द्विभाजन और कार्यक्षमता

प्रस्ताव के मुताबिक, मंत्रालय के तहत दो अलग-अलग विभाग काम करेंगे। पहला विभाग विशेष रूप से दिल्ली और एनसीआर की परियोजनाओं की बारीकी से निगरानी करेगा और सभी अड़चनों को दूर करेगा।

वहीं, मंत्रालय के अधीन दूसरा विभाग देशभर की अन्य शहरी योजनाओं और प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की जिम्मेदारी संभालेगा। दोनों विभागों के लिए अलग-अलग सचिव नियुक्त किए जाने की प्रबल संभावना है।

एलजी संधू और केंद्रीय मंत्री की अहम बैठक

हाल ही में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में दिल्ली के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण और जटिल पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

एलजी संधू दिल्ली के सर्वांगीण विकास के लिए एक व्यापक और आधुनिक प्रस्ताव तैयार करवा रहे हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग स्थापित करना है।

"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा दिल्ली को दुनिया के सबसे आधुनिक, स्वच्छ और वैश्विक राजधानी शहरों की श्रेणी में सबसे ऊपर खड़ा करने की है।"

प्रमुख परियोजनाओं को मिलेगी नई गति

नए विभाग के गठन से रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) जैसी बड़ी परिवहन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। प्रशासनिक अड़चनें दूर होने से काम की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा।

यमुना का कायाकल्प और नदी क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की परियोजनाओं को भी इस नए विभाग के दायरे में लाया जा सकता है। इससे दिल्ली के पर्यावरणीय सुधारों में अधिक स्पष्टता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

दिल्ली और एनसीआर में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के भारी दबाव को देखते हुए यह ढांचागत परिवर्तन अनिवार्य माना जा रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर का बुनियादी ढांचा विकसित करने में मदद मिलेगी।

अनुभवी अधिकारियों को मिल सकती है कमान

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डी. तारा वर्तमान में दिल्ली डिवीजन की देखरेख कर रही हैं। वे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की शुरुआत से ही इससे गहराई से जुड़ी रही हैं और उन्हें शहरी प्रबंधन का लंबा अनुभव है।

फरवरी में सचिव के रूप में सूचीबद्ध होने के बाद, राजनीतिक गलियारों में यह संभावना जताई जा रही है कि उन्हें इस नए विभाग की स्वतंत्र जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है ताकि परियोजनाओं में निरंतरता बनी रहे।

वैश्विक निवेश और भविष्य की राह

सरकार का लक्ष्य दिल्ली में शहरी परिवहन, पर्यटन और डिजिटल बुनियादी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है। इसके लिए बड़े पैमाने पर वैश्विक निवेश और तकनीकी नवाचार की आवश्यकता है।

यह नया प्रशासनिक मॉडल न केवल दिल्ली बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र के लिए एक मिसाल बनेगा। इससे केंद्र सरकार और स्थानीय निकायों के बीच का समन्वय पहले के मुकाबले कहीं अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी होगा।

अंततः, यह रणनीतिक पहल दिल्ली को एक 'स्मार्ट, सस्टेनेबल और फ्यूचरिस्टिक' ग्लोबल सिटी बनाने के भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होने वाली है।

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