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CTI की सोनिया गांधी से गुहार: रामलीला मैदान रैली स्थगित करने को सोनिया गांधी को पत्र

thinQ360 · 30 अक्टूबर 2026, 10:27 दोपहर
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने धनतेरस और दिवाली के सीजन को देखते हुए 1 नवंबर की इंडिया गठबंधन रैली स्थगित करने या बुराड़ी मैदान शिफ्ट करने की मांग को लेकर सोनिया गांधी को पत्र लिखा।

दिल्ली | दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने अब सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। संगठन ने धनतेरस और दीपावली के व्यापारिक सीजन को देखते हुए रैली टालने की मांग की है।

संगठन ने पत्र में गुहार लगाई है कि इस रैली को 10-11 नवंबर के बाद तक स्थगित कर दिया जाए या फिर इसका स्थान बदलकर बुराड़ी मैदान कर दिया जाए।

CTI ने बताया कि राहुल गांधी द्वारा उनका अनुरोध ठुकरा दिए जाने के बाद, अब दिल्ली के व्यापारियों की अंतिम उम्मीद सोनिया गांधी से ही बची है।

राहुल गांधी के इनकार के बाद अपील

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल और अन्य पदाधिकारियों द्वारा भेजे गए पत्र में व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि वे किसी राजनीतिक दल या विरोध प्रदर्शन के अधिकार के खिलाफ नहीं हैं।

व्यापारियों का कहना है कि वे धनतेरस और दीपावली के मौके पर केवल अपने परिवार और कामगारों की रोजी-रोटी बचाने की अपील कर रहे हैं।

सोनिया जी, आपने हमेशा छोटे व्यापारियों और कामगारों की समस्याओं को सुना है। हमने राहुल गांधी जी से इस रैली की तारीख बदलने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। अब हमारी अंतिम उम्मीद केवल आपसे है कि आप हमारी पीड़ा समझेंगी।

12,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान

व्यापारी संगठन ने बताया कि 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दीपावली का त्योहार है। 1 नवंबर का दिन त्योहार की तैयारियों, थोक खरीद और सप्लाई चेन के लिहाज से सबसे व्यस्त दिन होता है।

CTI के मुताबिक, रैली में 10 लाख लोग और 15,000 से 20,000 वाहन इकट्ठा होते हैं, तो चांदनी चौक, सदर बाजार, कनॉट प्लेस सहित 20 ऐतिहासिक बाजारों का 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये का रोजाना कारोबार ठप हो जाएगा।

पार्किंग संकट और सप्लाई चेन पर असर

व्यापारियों ने कहा कि रामलीला मैदान के पास 200 बड़ी बसों को खड़ा करने की जगह नहीं है। 15,000 से 20,000 वाहनों के आने से जेएलएन मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग, अजमेरी गेट पर भारी ट्रैफिक जाम लग जाएगा।

रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में 20 प्रमुख बाजार हैं, जहां हर दिन दिल्ली के 56 औद्योगिक क्षेत्रों से 5,000 ट्रक आते हैं और विभिन्न राज्यों के लिए 3,000 ट्रक निकलते हैं।

बॉर्डर पर असर और 10 अक्टूबर का उदाहरण

पत्र में बताया गया कि दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों के कारण 31 अक्टूबर की दोपहर से ही सिंघु, टिकरी, गाजीपुर और बदरपुर बॉर्डर पर असर दिखेगा और बैरिकेड्स लगाए जाएंगे।

ट्रांसपोर्टरों ने 31 अक्टूबर से इन इलाकों में माल ले जाने से मना करना शुरू कर दिया है। संगठन ने 10 अक्टूबर का उदाहरण देते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर 5,000 से 7,000 लोगों के आने से 8 घंटे लंबा जाम लगा था।

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