विकसित भारत का सपना जल्दी होगा साकार: दिव्यांगजन हमारे परिवार का हिस्सा

दिव्यांगजन हमारे परिवार का हिस्सा
Chief Minister Disabled Scooty Distribution Ceremony
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उप मुख्यमंत्री ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूटी प्राप्त वाले दिव्यांग जनों में  कई बेटियां भी हैं। राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला सुरक्षा के लिए कार्य किए किए जा रहे हैं

जयपुर । उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने प्रधानमंत्री की सबका साथ सबका विकास की सोच के अनुसार दिव्यांगजन को परिवार के हिस्से के रूप में साथ लेकर ही आगे बढ़ने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 2014 से विकास की गति तिगुनी हो गई है। विकसित भारत का सपना 2047 से पहले ही बहुत जल्दी साकार होगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए  संकल्पित है।

 
उप मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में राजकीय सावित्री बाई फुले छात्रावास, (कॉलेज स्तरीय) गांधीनगर, जयपुर में बुधवार को  सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री  अविनाश गहलोत की अध्यक्षता में “मुख्यमंत्री दिव्यांग स्कूटी वितरण समारोह“ आयोजित किया गया।
 
दिया कुमारी ने समारोह को संबोधित करते हुए  60 दिव्यांगजनों को स्कूटी मिलने की बधाई दी और कहा कि यह  आपके जीवन में खुशियों का संचार करे यही मेरी कामना है। उन्होंने दिव्यांग स्कूटी वितरण कार्यक्रम कवरेज करने आए मीडिया कर्मियों का आभार जताते हुए कहा कि हम सभी के द्वारा हमारे परिवारजन  दिव्यांगजनों को महत्व दिया जाना चाहिए।

 
उप मुख्यमंत्री ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूटी प्राप्त वाले दिव्यांग जनों में  कई बेटियां भी हैं। राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला सुरक्षा के लिए कार्य किए किए जा रहे हैं। बजट घोषणा में कराटे विधा को स्पोर्ट्स कोटा में शामिल किया गया है।
सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और उनका समुचित संचालन भी होगा।उन्होंने कहा कि जुलाई में जब फिर बजट आएगा तो दिव्यांग जनों का विशेष ख्याल रखा जाएगा।
 
दिया कुमारी ने कहा कि पब्लिक प्लेस पर रैंप बनवाए जाने के साथ ही वहां ब्रेल लिपि में सूचना पट्ट भी लिखवाये जाएं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन सहित सामाज कल्याण के लिए निजी संस्थाएं, उद्योगपति तथा कॉरपोरेट्स सी एस आर के तहत योगदान देने के लिए आगे आने चाहिए।

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उप मुख्यमंत्री ने बताया कि सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के तहत दिव्यांगजन के लिए दो बजट घोषणाएं की गई हैं जिनमें जयपुर के जामडोली में कंपोजिट रीजनल सेंटर बनवाया जाएगा और इसी प्रकार दिव्यांगजनों के लिए राज्य में जिला रिहैबिलिटेशन सेंटर भी बनाए जाएंगे।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे  अविनाश गहलोत,’ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांग जनों के प्रति संवेदनशील है और निरंतर दिव्यांग जनों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आगे आने वाले समय में भी दिव्यांग जनों के लिए स्कूटी वितरण करती रहेगी और दिव्यांग जनों के कल्याण के लिए धन की कमी नहीं आने देगी।

 
अविनाश गहलोत ने कहा कि आगे आने वाले समय में विभाग द्वारा निशक्तजन प्रमाण पत्र बनाने के लिए शिविर लगाए जाएंगे और योजनाओं का सीधा लाभ विशेष योग्य जनों को मिल सके इसका प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “सबका साथ सबका विकास सबका प्रयास“ की संकल्पना के साथ प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार किया जाएगा।

अविनाश गहलोत ने कहा कि भारत सरकार द्वारा दिव्यांगजनो के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने, राजकीय सेवा में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए तथा दिव्यांगजनो के लिए समायोजित करने वाला वातावरण बनाने के लिए दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 लाया गया ,जिसके तहत दिव्यांगजनों को राजकीय सेवा में 4 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही दिव्यांगता की श्रेणियां बढा़कर 21 कर दी गई है। 
 
दिया कुमारी ने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति शिक्षा की और अग्रसर हो तथा उच्च शिक्षा को प्राप्त कर सकें इस हेतु चलन दिव्यांगता वाले दिव्यांगजनो को राजस्थान मुख्यमंत्री स्कूटी योजना से लाभान्वित किया जाता है। 
 
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि भारत सरकार की दिव्यांगजनो के प्रति संकल्पना को अनुरूप राज्य के विशेष योग्यजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अधिक अवसर सुलभ करवाने हेतु ऐसे दिव्यांगजन जो कि स्वरोजगार हेतु आवागमन करना पड़ता है उन्हें भी राज्य में मुख्यमंत्री स्कूटी योजना से लाभान्वित किया जाता है। इसी क्रम में आज जयपुर जिले के 60 दिव्यांगजनों को मुख्यमंत्री स्कूटी से लाभान्वित किया जा रहा है।
 
अविनाश गहलोत ने कहा कि राज्य में सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों में विशेष योग्यजनों को सम्मलित करना, विशेष योग्यजनों के लिए पुनर्वास सेवाओं का विस्तार करना, विशेष योग्यजनों के लिए संचालित कल्याणकारी कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार करना, इत्यादि कार्य राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे है।
राज्य सरकार द्वारा विशेष योग्यजनों को उनकी पात्रता एवं क्षमता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराकर विशेष योग्यजनों के लिए राज्य में संचालित कल्याणकारी योजनान्तर्गत लाभान्वित कराकर उनका पुनर्वास किया जा रहा है। 
 
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार विशेष योग्यजनों को समान अवसर उपलब्ध कराने तथा स्वाधीनता एवं स्वाभिमान पूर्ण जीवनयापन करने हेतु उन्हे आर्थिक संबल भी प्रदान कर रही है। राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अन्तर्गत वर्तमान में 6 लाख 48 हजार विशेष योग्यजन व्यक्ति पेंशन योजना से लाभान्वित हो रहे है।
दिव्यांगजनो को रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोजगार के अन्तर्गत ऋण प्रदान किया जा रहा है दिव्यांगजनों की गतिशीलता को बढ़ाने के लिए उन्हें कृत्रिम अंग/उपकरण के साथ-साथ मोटराईज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की जा रही है ताकि वह दूसरों पर निर्भर न रहकर अपना आवागमन सुगम्यता से कर सके।
कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा की विशेष योग्यजन  विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए अपने हौसलों के साथ आगे बढ़ते हैं।  राज्य सरकार की विशेष योग्य जनों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाएं उनको संबल प्रदान करती है।
 
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद  राजेंद्र गहलोत,  आयुक्त, विशेष योग्यजन  एच. गुइटे, विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी गण सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन भी मौजूद रहे।

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