जयपुर | राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने मंगलवार को जयपुर के सांभर लेक में एक विशेष कार्यक्रम में शिरकत की। यहाँ 'आंगनबाड़ी चलो अभियान' के तहत प्रवेश उत्सव और विदाई समारोह का आयोजन किया गया था।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को शिक्षा के प्रति आकर्षित करना और उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ना था। उपमुख्यमंत्री ने स्वयं नन्हे-मुन्ने बच्चों का स्वागत किया और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
पोर्टफोलियो किट और खेल सामग्री का वितरण
उपमुख्यमंत्री ने निदेशालय समेकित बाल विकास सेवाएं द्वारा दरबार सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित समारोह में बच्चों को पोर्टफोलियो किट प्रदान किए। इन किट्स में बच्चों के लिए रंग, पानी की बोतलें और खिलौने शामिल थे।
दिया कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर खेल सामग्री वितरण का उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में सीखने के अवसर प्रदान करना है। इससे बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास तेजी से होता है।
उन्होंने आगे बताया कि सरकार का लक्ष्य आंगनबाड़ियों में एक स्वस्थ, सुरक्षित और सीखने योग्य माहौल तैयार करना है। ताकि बच्चों को स्कूल शिक्षा के लिए पूरी तरह तैयार किया जा सके।
शैक्षणिक स्टॉल्स का अवलोकन
समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री ने एक बच्चे का जन्मदिन भी मनाया और केक काटकर खुशियां साझा कीं। उन्होंने वहां लगाई गई विभिन्न शैक्षणिक स्टॉल्स का भी बारीकी से निरीक्षण किया।
इन स्टॉल्स में आसपास के वातावरण में उपलब्ध सामग्री से निर्मित सहायक शिक्षण सामग्री (TLM) प्रदर्शित की गई थी। इसे देखकर उपमुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सृजनात्मकता की सराहना की।
प्रदर्शनी में यह दिखाया गया कि कैसे स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके बच्चों को रोचक तरीके से पढ़ाया जा रहा है। इससे बच्चों में सीखने के प्रति रुचि और जिज्ञासा बढ़ती है।
भामाशाहों का सम्मान और सहयोग
कार्यक्रम में उन भामाशाहों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों के विकास में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है। नागरिक विकास समिति के अध्यक्ष अनिल गट्टानी ने इस दौरान बड़ी घोषणा की।
उन्होंने सांभर नगरपालिका क्षेत्र की समस्त आंगनबाड़ियों को गोद लेने की घोषणा की। भामाशाहों के सहयोग से करीब 1,600 बच्चों को पोर्टफोलियो किट, पानी की बोतलें और खिलौने वितरित किए गए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को आगे आकर शिक्षा और बाल विकास के कार्यों में सहयोग करना चाहिए। भामाशाहों की भागीदारी से सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से मिलता है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रमाण पत्र
6 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों को समग्र प्रमाण पत्र (ECCE Certificate) भी प्रदान किए गए। यह प्रमाण पत्र उनकी प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के सफल समापन का प्रतीक है।
आंगनबाड़ी के बच्चों ने इस अवसर पर देशभक्ति के गीतों पर शानदार नृत्य प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के बाल मनोभावों और उनकी कलात्मक प्रतिभा ने वहां उपस्थित सभी अतिथियों का मन मोह लिया।
जल मंदिर का उद्घाटन और निरीक्षण
उपमुख्यमंत्री ने वार्ड संख्या 3 में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और बच्चों से संवाद किया। उन्होंने वहां बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे गर्म पोषाहार की गुणवत्ता और स्वच्छता की भी जांच की।
इस अवसर पर उन्होंने भामाशाहों द्वारा निर्मित 'जल मंदिर' का उद्घाटन किया। यह जल मंदिर आंगनबाड़ी और स्कूली बच्चों को शुद्ध शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया है।
कार्यक्रम में सांभर उपखण्ड अधिकारी ऋषि राज कपिल, उपनिदेशक पार्थवी शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने बाल विकास की दिशा में राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की सराहना की।