राजस्थान

महिलाओं के लिए AI ट्रेनिंग: दीया कुमारी का बड़ा फैसला: अब AI की ट्रेनिंग लेंगी महिलाएं

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 03 मई 2026, 11:00 दोपहर
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत तकनीकी प्रशिक्षण के निर्देश दिए।

जयपुर | राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने प्रदेश की महिलाओं और बालिकाओं के भविष्य को संवारने के लिए एक बहुत बड़ी पहल की है। उन्होंने मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण के निर्देश दिए हैं।

उपमुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती चुनौतियों और संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में तकनीकी ज्ञान ही महिलाओं की आजीविका का ठोस आधार बन सकता है।

दीया कुमारी ने महिला अधिकारिता निदेशालय को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित ट्रेनिंग प्रदान करें। इससे महिलाएं भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार हो सकेंगी।

एआई के दौर में महिलाओं का सशक्तिकरण

शासन सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दीया कुमारी ने कहा कि तकनीक के बिना विकास अधूरा है। उन्होंने एआई को एक अवसर के रूप में देखने की सलाह दी है।

बैठक में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार भी मौजूद रहीं। दोनों मंत्रियों ने विभागीय योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एआई के इस दौर में तकनीकी प्रशिक्षण से ही महिलाओं की आजीविका सुनिश्चित हो सकती है।

सरकारी योजनाओं की समयबद्ध समीक्षा

उपमुख्यमंत्री ने लाडो प्रोत्साहन योजना की समीक्षा की और पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र बालिका इस योजना से वंचित नहीं रहनी चाहिए।

काली बाई भील उड़ान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी उन्होंने अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने को कहा। इस योजना का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना है।

बैठक में शिक्षा सेतु योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की भी प्रगति जांची गई। दीया कुमारी ने बजट घोषणाओं को समय पर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना को लेकर भी उपमुख्यमंत्री गंभीर दिखीं। उन्होंने कहा कि घर से काम करने की सुविधा महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने में मददगार साबित होगी।

आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प

आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति सुधारने के लिए उपमुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने केंद्रों पर बिजली, पेयजल और क्रियाशील शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने निर्माण और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। दीया कुमारी चाहती हैं कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के लिए एक सुरक्षित और सुविधा संपन्न स्थान के रूप में विकसित हों।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पूरे हो चुके निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन किया जाए। उच्चाधिकारियों को स्वयं जाकर इन कार्यों की गुणवत्ता की बारीकी से जांच करनी होगी।

प्रगतिरत कार्यों का भी निरीक्षण कर उनमें तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने लम्बित कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्हें शीघ्र प्रारम्भ करवाने के लिए अधिकारियों को पाबंद किया है।

7500 नए नंद घर विकसित करने का लक्ष्य

इस वर्ष राज्य में 7 हजार 500 नए 'नंद घर' विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कदम आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाएगा।

नंद घर परियोजना के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा और पोषण मिलेगा। उपमुख्यमंत्री ने इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

पोषण के मोर्चे पर राजस्थान ने शानदार उपलब्धि हासिल की है। राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों पर 86 प्रतिशत लाभार्थियों को एसआरएस के माध्यम से पोषाहार वितरित किया जा रहा है।

दीया कुमारी ने इस सफलता पर संतोष व्यक्त किया लेकिन साथ ही निर्देश दिए कि वितरण का प्रतिशत और बढ़ाया जाए। एफआरएस सिस्टम का उपयोग भी हर केंद्र पर सुनिश्चित हो।

पोषण अभियान में राजस्थान की बादशाहत

राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत राजस्थान ने पिछले वर्ष पोषण पखवाड़ा में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उपमुख्यमंत्री ने इस गौरवशाली सफलता को फिर से दोहराने का आह्वान किया।

उन्होंने विभाग को कड़ी मेहनत करने के निर्देश दिए ताकि राजस्थान हर राष्ट्रीय योजना में अग्रणी बना रहे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी अब उच्च स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा।

गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण से कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। इसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और बच्चों को मिलेगा, जो इन सभी कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य आधार हैं।

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण और बाल विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारियों को इस दिशा में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ परिणाम देने होंगे।

इन प्रयासों से न केवल महिलाओं का कौशल विकास होगा, बल्कि वे डिजिटल युग में आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ा सकेंगी। राजस्थान अब महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक मिसाल बनेगा।

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