किसी भी डिवाइस जैसे स्मार्टफोन,लैपटॉप, सीपीयूब या मॉडेम या कोई अन्य डिवाइस। अगर आपको भी नहीं पता है कि रीबूट और रीस्टार्ट में क्या फर्क होता है, तो चिंता मत करिए आज हम आपको इनके बीच का फर्क बताने जा रहे हैं।
Reboot / Restart: क्या आप जानते हैं किसी भी डिवाइस को रिबूट और रिस्टार्ट करने में असली अंतर?
Difference between Reboot vs Restart: क्या आप जानते हैं किसी भी डिवाइस को रिबूट और रिस्टार्ट करने में असली अंतर? रिबूट किसी भी डिवाइस के हार्डवेयर को एक नॉन फंक्शन स्टेट्स से एक ओपरेशनल स्टेट्स में बदल देता है.
HIGHLIGHTS
- रिस्टार्ट (Restart) करने की पूरी प्रक्रिया में फोन का व्यापक परीक्षण होना है और साथ ही यह सिस्टम के सभी प्रमुख कार्यक्रमों और डेटा को भी साफ करता है. यह फोन में मौजूद जंक डेटा (junk data file) भी हटा देता है. जब आप फोन को फिर से इस्तेमाल करते हैं, तो आप स्पष्ट रूप से महसूस कर सकते हैं कि यह पहले की तुलना में काफी तेज है.वहीं, रिबूट (Reboot) सिस्टम को साफ नहीं करता है. इसलिए फोन में जंक डेटा बना रहता है.
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रिबूट और रिस्टार्ट में अंतर- What is Reboot vs Restart?
दरअसल, रिबूट (Reboot) किसी भी डिवाइस के हार्डवेयर को एक नॉन फंक्शन स्टेट्स से एक ओपरेशनल स्टेट्स में बदल देता है.अक्सर बूट का उपयोग डिवाइस शुरू करने के लिए किया जाता है. इसका काम फोन को चालू करना है. एक डिवाइस को कई कारणों से रिबूट किया जा सकता है जैसे कि हैंग होना या किसी ऐप का वर्क न करना.
वहीं रिस्टार्ट (Restart) का मतलब होता है डिवाइस को बंद करके फिर से चालू करना. इसके अलावा डिवाइस की सेटिंग में बदलाव करने के बाद उसे रिस्टार्ट किया जाता है। आपने देखा होगा कि जब आप अपने स्मार्टफोन पर फर्मवेयर या सॉफ़्टवेयर अपग्रेड करते हैं, तो आपसे अक्सर फोन रिस्टार्ट (Restart) करने के लिए कहा जाता है।
कारण कि रिस्टार्ट (Restart) करने की पूरी प्रक्रिया में फोन का व्यापक परीक्षण होना है और साथ ही यह सिस्टम के सभी प्रमुख कार्यक्रमों और डेटा को भी साफ करता है. यह फोन में मौजूद जंक डेटा (junk data file) भी हटा देता है. जब आप फोन को फिर से इस्तेमाल करते हैं, तो आप स्पष्ट रूप से महसूस कर सकते हैं कि यह पहले की तुलना में काफी तेज है.वहीं, रिबूट (Reboot) सिस्टम को साफ नहीं करता है. इसलिए फोन में जंक डेटा बना रहता है.
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इसके अलावा जब फोन बैटरी न होने के कारण बंद हो जाता है, तो सिस्टम और हार्डवेयर भी पूरी तरह से बंद हो जाते हैं. ऐसे में जब आप फोन को रिस्टार्ट (Restart) करते हैं, तो फोन के सभी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर फिर से टेस्ट किए जाते हैं और यह डेटा को भी फिर से लोड करता है.
इसके अलावा, सीपीयू पूरी गति से काम करता है और फोन की बैटरी जल्दी खत्म करेगा. हालांकि, रीबूट करने से केवल फोन के सॉफ़्टवेयर शुरू होते हैं. यह ऑटोमैटिकली कुछ स्टेप्स को छोड़ देता है और सीधे ऑपरेटिंग सिस्टम इंटरफ़ेस में एंटर हो जाता, इसलिए यह बिजली की बचत करता है. यानि कम बैटरी खर्च होती है.
डेटा रिमूवल प्रोसेस रीस्टार्ट करना सिस्टम और हार्डवेयर का एक टेस्ट है. यह सिस्टम के जंक डेटा को भी हटाता है. दूसरी ओर रिबूट फोन के हार्डवेयरसे छेड़-छाड़ नहीं करता है, इसलिए सिस्टम का कुछ भी डेटा डिलीट नहीं होता है.स्मूदनेस का फर्क रिबूट करने की तुलना में, अपने फोन को रिस्टार्ट करना ज्यादा स्मूद है.
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