वाशिंगटन |
अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण शांति कायम है, लेकिन यह कभी भी टूट सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी 'रेड लाइन' क्या है।
उन्होंने कहा है कि अगर ईरान के हमले में एक भी अमेरिकी सैनिक की मौत हुई, तो सीज़फायर खत्म हो जाएगा।
ट्रंप ने क्यों दी यह चेतावनी?
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने यह कड़ा रुख जाहिर किया।
उनसे सवाल पूछा गया था कि क्या कुवैत पर ईरानी हमलों के बावजूद सीज़फायर जारी रहेगा।
ट्रंप ने कहा कि वह मिडिल ईस्ट में एक और बड़ा युद्ध नहीं चाहते हैं और इसके लिए छोटी-मोटी झड़पें बर्दाश्त करने को तैयार हैं।
लेकिन, उन्होंने अपने सहयोगियों को साफ बता दिया है कि किसी भी अमेरिकी सैनिक की मौत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह उनके लिए अंतिम रेखा है।
कुवैत क्यों है ईरान के निशाने पर?
कुवैत, मध्य पूर्व में अमेरिका का एक प्रमुख रणनीतिक सहयोगी देश है।
यहां स्थित अली अल सलेम एयरबेस अमेरिका के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जिस पर करीब 13,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
इसके अलावा, बड़ी संख्या में अमेरिकी लड़ाकू विमान और हथियार भी यहां मौजूद हैं।
अमेरिकी सेना इस बेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अभियानों के लिए करती रही है। इसी वजह से ईरानी सेना इस एयरबेस को निशाना बनाने की कोशिश करती है।
सीज़फायर का क्या है मतलब?
दोनों देशों के बीच सीज़फायर के बावजूद छिटपुट हमले जारी हैं। जब ट्रंप से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने एक दिलचस्प जवाब दिया।
दुनिया के उस हिस्से में सीज़फ़ायर का मतलब है कि आप ज़्यादा संयमित तरीके से गोलीबारी कर रहे हैं।
ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर "काफी ज़ोरदार हमला" किया था।
ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका और ईरान के बीच की शांति बहुत नाजुक है। एक भी अमेरिकी सैनिक की मौत इस क्षेत्र को फिर से एक बड़े युद्ध की आग में झोंक सकती है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
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