सीकर | राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सीकर के सांगलिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कई गंभीर आरोप लगाए। डोटासरा यहां एक पशु चिकित्सा उपकेंद्र के उद्घाटन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे।
रिफाइनरी हादसे पर उठाए गंभीर सवाल
डोटासरा ने पचपदरा रिफाइनरी में हुई भीषण आग की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच होनी चाहिए। डोटासरा ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री के आगमन से ठीक पहले इतनी सुरक्षा के बावजूद हादसा कैसे हुआ? उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर वहां कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही थीं। ऐसे में अचानक आग लग जाना कई तरह के संदेह पैदा करता है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि इस हादसे के पीछे कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है। उन्होंने प्रधानमंत्री से खुद इस मामले की जांच करवाने की अपील की है। डोटासरा के अनुसार, इस आग से करीब 10 हजार करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है।
प्रोजेक्ट में देरी और भाजपा पर तंज
पीसीसी चीफ ने कहा कि रिफाइनरी का काम पहले से ही काफी देरी से चल रहा था। अब इस भीषण आग के कारण यह प्रोजेक्ट 6 से 12 महीने और पिछड़ जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब यह सवाल है कि इसका उद्घाटन भाजपा के हाथों होगा भी या नहीं। भाजपा नेताओं के 'ईश्वर की मर्जी' वाले बयानों पर भी उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। डोटासरा ने कहा कि इतने बड़े नुकसान को ईश्वर का नाम देकर टाला नहीं जा सकता।
पीएम मोदी के आंसुओं पर टिप्पणी
कार्यक्रम के दौरान डोटासरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भावुक होने पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब देश का प्रधानमंत्री रो रहा था, तब हमें शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि ईरान और इजरायल के बीच भीषण विवाद के समय भी पीएम नहीं रोए थे। लेकिन अब वे मंचों पर आंसू बहा रहे हैं, जो केवल एक राजनीतिक दिखावा है। डोटासरा ने कहा कि जनता अब इन आंसुओं के पीछे की राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है।
महिला आरक्षण बिल को बताया षड्यंत्र
महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए डोटासरा ने इसे भाजपा का एक बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बिल तो सितंबर 2022-23 में ही दोनों सदनों से पास हो चुका था। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बावजूद तीन साल तक इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 अप्रैल 2026 को नोटिफिकेशन जारी करना केवल एक चुनावी चाल है। डोटासरा ने कहा कि भाजपा ने जानबूझकर जनगणना और परिसीमन की शर्तें रखी हैं।
2029 का इंतजार और कांग्रेस का पक्ष
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस ने 2010 में ही राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पारित करवा दिया था। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज और निकायों में आरक्षण कांग्रेस की ही देन है। अब जब भाजपा की बारी आई, तो वे इसे 2029 तक टालने का बहाना ढूंढ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि अगर सरकार की नीयत साफ है, तो अभी जनगणना करवाकर इसे लागू करे। डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा दो-तिहाई बहुमत के जरिए भूगोल बदलकर सत्ता पर कब्जा करना चाहती है।
मुख्यमंत्री और कानून व्यवस्था पर प्रहार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बाड़मेर न जाने पर भी डोटासरा ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं और जनता परेशान है। प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार का नियंत्रण खत्म होता जा रहा है। डोटासरा ने चुनौती दी कि अगर सरकार में हिम्मत है तो पंचायत चुनाव करवाकर देख ले। उन्होंने कहा कि चुनावों में भाजपा का असली चेहरा जनता के सामने आ जाएगा। कार्यक्रम में सांसद अमराराम सहित कई अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।