जयपुर | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ओबीसी मोर्चा को नया नेतृत्व मिल गया है। डॉ. महेंद्र कुमावत ने शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया। यह समारोह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर संगठन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिन्होंने डॉ. कुमावत और उनकी नई टीम को शुभकामनाएं दीं। समारोह में मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री निर्मल कुमावत, मोर्चा प्रभारी छगन माहुर, और प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए।
मदन राठौड़ ने दी नई टीम को बधाई
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने डॉ. महेंद्र कुमावत और उनकी नई टीम को बधाई देते हुए संगठन में ओबीसी मोर्चा की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ओबीसी मोर्चा पार्टी की रीढ़ की हड्डी है।
राठौड़ ने विश्वास जताया कि इस नई और ऊर्जावान टीम के नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग का सशक्तिकरण और भी तेजी से होगा। उन्होंने टीम को पूरी लगन से काम करने के लिए प्रेरित किया।
संगठन को मजबूत करने का आह्वान
इस मौके पर पूर्व मोर्चा अध्यक्ष चम्पालाल गेदर, प्रदेश उपाध्यक्ष नाहरसिंह जोधा और बिहारी लाल विश्नोई ने भी नए अध्यक्ष का स्वागत किया। सभी ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया।
हर बूथ को अजेय बनाने का संकल्प: डॉ. कुमावत
पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. महेंद्र कुमावत ने केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन जैसे सामान्य कार्यकर्ता पर जो विश्वास दिखाया है, वह उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।
हमारी नई टीम पूरी ऊर्जा के साथ ओबीसी समाज के कल्याण, सामाजिक समरसता और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को हर गांव, ढाणी और बूथ स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा संकल्प हर बूथ पर संगठन को अजेय बनाना है।
डॉ. कुमावत ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा करना और संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
पदभार ग्रहण के बाद पहली बैठक
पदभार ग्रहण समारोह के तुरंत बाद डॉ. महेंद्र कुमावत की अध्यक्षता में नवगठित प्रदेश पदाधिकारियों की पहली बैठक हुई। इस बैठक में भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में आगामी सांगठनिक प्रवासों, जिला सम्मेलनों और पिछड़ा वर्ग संवाद अभियानों की रूपरेखा तैयार की गई। इसके साथ ही संगठन के सुचारू संचालन के लिए पदाधिकारियों के बीच संभागों और जिलों के प्रभार का आवंटन भी किया गया। यह कदम संगठन को और अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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