राजस्थान

वागड़ में भारी बारिश का दौर: डूंगरपुर में बारिश से कई बांध छलके, बेणेश्वरधाम बना टापू

thinQ360 · 19 अक्टूबर 2026, 10:36 दोपहर
वागड़ अंचल में जोरदार बारिश से लोडेश्वर, भई और लक्ष्मण सागर बांध लबालब होकर छलक गए हैं। मोरन नदी में उफान आने और पुलों पर पानी बहने से आवागमन बाधित हुआ है। बेणेश्वरधाम में सौ से अधिक लोग फंसे हुए हैं।

डूंगरपुर | वागड़ अंचल में गुरुवार रात से शुरू हुआ झमाझम बारिश का दौर शुक्रवार को भी लगातार जारी रहा। डूंगरपुर जिले के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद बांध और जलाशय पूरी तरह छलक उठे हैं।

जलाशयों में पानी की तेज आवक

ओबरी क्षेत्र में करीब तीन इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद लोडेश्वर बांध ओवरफ्लो हो गया और मोरन नदी पूरे वेग से बहने लगी।

वहीं टामटिया का भई बांध और मांडव का लक्ष्मण सागर बांध भी छलक गए हैं। नदियों और पुलों पर पानी आने से कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

ओबरी में जोरदार बारिश और नुकसान

ओबरी तहसील कार्यालय के अनुसार गुरुवार शाम से शुक्रवार सुबह तक 74 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से क्षेत्र के जलाशयों में तेजी से पानी की आवक हुई।

ओबरी तहसील का सबसे बड़ा लोडेश्वर बांध लबालब होकर छलक गया। बांध ओवरफ्लो होने से पाड़लिया गांव की पुरानी रपट पर करीब 10 फीट से अधिक पानी बहने लगा।

आंतरी के मारगिया डेम पर पानी की चादर चलने से मोरन नदी में उफान आ गया। नदी के तेज बहाव के चलते वरदा गांव का पुराना पुल पानी में डूब गया।

पुल की सड़क पर बिछा डामर उखड़कर बह गया, जिससे मुख्य मार्ग बाधित हो गया। इसके अलावा ओबरी-पटली मार्ग पर चार फीट पानी बहने से यातायात बंद हुआ।

बांधों की क्षमता और सिंचाई व्यवस्था

लोडेश्वर बांध के छलकने से क्षेत्र में जल संकट को लेकर राहत मिली है। विराट गांव के पास 1958 में निर्मित यह बांध अहम जलस्रोत है।

सागवाड़ा क्षेत्र के बांधों की स्थिति

सागवाड़ा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह 9.20 बजे टामटिया का भई बांध छलका। शुरुआत में हल्की चादर चली, लेकिन बाद में करीब 20 सेंटीमीटर की चादर चलने लगी।

मांडव का लक्ष्मण सागर बांध भी ओवरफ्लो हो गया। वहां से निकली जलराशि भई बांध और फिर बरबोदनिया होते हुए लोडेश्वर बांध की ओर बढ़ गई।

इससे सागवाड़ा शहर और आसपास के 18 गांवों की पेयजल व्यवस्था को राहत मिली है। इसके साथ ही कई अन्य एनीकटों में भी पानी की आवक बढ़ गई।

जिले में बारिश के आंकड़े

डूंगरपुर जिले में पिछले 24 घंटे में आसपुर में 200 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं गणेशपुर में 122 मिमी और डूंगरपुर में 111 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

शहर का प्रमुख डीमिया जलस्रोत भी छलक गया है। इसके अलावा घाटी, खुमानसागर, दो नदी, साबला और सुरपुर एनीकट में भी तेजी से पानी आया।

बेणेश्वरधाम बना टापू, लोग फंसे

भारी बारिश के कारण बेणेश्वरधाम इस मानसून में दूसरी बार टापू बन गया है। साबला-बेणेश्वर पुल पर चार फीट और गनोड़ा पुल पर छह फीट पानी बह रहा है।

बेणेश्वर-वलाई पुल पर आठ फीट पानी की चादर चलने की जानकारी मिली है। धाम में स्थानीय दुकानदारों और श्रद्धालुओं समेत 100 से अधिक लोग फंसे हुए हैं।

फसलों पर बारिश का असर

बारिश से मक्का और धान की फसलों को पानी मिलने से राहत मिली है। हालांकि कुछ किसानों का कहना है कि बारिश में देरी से खरीफ को पूरा लाभ नहीं मिला।

अब क्षेत्र के किसानों की नजर आगामी रबी सीजन की बुवाई पर टिकी है।

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