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चुनाव आयोग का अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम: भारत निर्वाचन आयोग ने किया अंतरराष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम 2026 का शुभारंभ, 23 देशों के प्रतिनिधि शामिल

मानवेन्द्र जैतावत · 08 अप्रैल 2026, 11:18 दोपहर
भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) 2026 का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में 23 देशों के 43 प्रतिनिधि भारत की चुनावी प्रक्रिया, ईवीएम तकनीक और लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रत्यक्ष अनुभव करेंगे।

नई दिल्ली | भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आज राष्ट्रीय राजधानी में एक भव्य समारोह के साथ अंतरराष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) 2026 का औपचारिक शुभारंभ किया है। यह कार्यक्रम असम, केरल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के आगामी आम चुनावों के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने इस महत्वपूर्ण पहल का उद्घाटन किया।

लोकतंत्र का उत्सव और आयोग का संकल्प

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग भारत में चुनावों को 'लोकतंत्र के उत्सव' के रूप में मनाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आयोग इस उत्सव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए मिशन मोड में काम करता है। उन्होंने मेहमानों से भारत की विविधता का अनुभव करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित थे। उन्होंने संयुक्त रूप से भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) में कार्यक्रम की शुरुआत की। आयोग का लक्ष्य दुनिया को भारत की मजबूत लोकतांत्रिक जड़ों से परिचित कराना है।

दो चरणों में होगा राज्यों का दौरा

IEVP 2026 को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण के तहत प्रतिनिधि 8 और 9 अप्रैल 2026 को असम, केरल और पुडुचेरी का दौरा करने के लिए रवाना होंगे। दूसरे चरण की शुरुआत 20 अप्रैल 2026 से होगी, जिसमें प्रतिनिधि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों की चुनावी प्रक्रिया का बारीकी से अध्ययन करेंगे।
इस कार्यक्रम में 23 विभिन्न देशों के कुल 43 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इनमें दिल्ली स्थित पांच विदेशी दूतावासों के अधिकारी भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यह संख्या भारत की चुनाव प्रक्रिया के प्रति वैश्विक रुचि को दर्शाती है।

ईवीएम तकनीक का प्रत्यक्ष अनुभव

कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिनिधियों को IIIDEM में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के संचालन का विस्तृत प्रदर्शन दिखाया गया। यह सत्र काफी इंटरैक्टिव रहा। विदेशी प्रतिनिधियों ने स्वयं ईवीएम का उपयोग करके मॉक पोल में भाग लिया। उन्होंने मतदान प्रक्रिया की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर अपनी जिज्ञासाएं शांत कीं।
प्रतिनिधियों ने भारत की चुनाव प्रणाली में तकनीकी हस्तक्षेप और प्रशासनिक सुरक्षा उपायों की सराहना की। विशेषज्ञों के साथ संवाद सत्र में कई तकनीकी पहलुओं पर चर्चा हुई। उन्होंने ईवीएम की हैकिंग प्रूफ प्रकृति और वीवीपैट मशीनों के उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण सवाल पूछे।

क्षेत्रीय केंद्रों और मतदान केंद्रों का निरीक्षण

8 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल असम, केरल और पुडुचेरी के विभिन्न जिलों में जाएगा। वहां वे वितरण केंद्रों और जिला नियंत्रण कक्षों की कार्यप्रणाली को देखेंगे। वे मीडिया निगरानी केंद्रों और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं का भी दौरा करेंगे। 9 अप्रैल की सुबह वे वास्तविक मतदान केंद्रों पर जाकर मतदान प्रक्रिया को लाइव देखेंगे।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सर्वोत्तम प्रथाएं

IEVP चुनाव आयोग का एक प्रमुख कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMB) के साथ मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग स्थापित करना है। यह मंच भारत के विशाल चुनावी ढांचे और संस्थागत तंत्र का व्यापक अवलोकन प्रदान करता है।
इससे विदेशी प्रतिनिधियों को चुनाव प्रबंधन के नए नवाचारों को समझने में मदद मिलती है। भारत की इस पहल से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव संचालन की सर्वोत्तम प्रथाओं को करीब से देखने और सीखने का अवसर मिलता है। यह कार्यक्रम वैश्विक लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूती प्रदान करता है।

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